पर्युषण पर्व पर सामूहिक पारणा महोत्सव, 30 तपस्वियों की हुई अनुमोदना
इटारसी। पर्युषण पर्व के समापन अवसर पर महावीर भवन में सामूहिक पारणा महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पर्युषण पर्व के दौरान 3 से 10 दिन तक उपवास करने वाले 30 तपस्वी श्रावक-श्राविकाओं ने पारणा किया। समाजजनों ने तपस्वियों की अनुमोदना करते हुए उनके त्याग, संयम और साधना के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।
जैन धर्म में पर्युषण पर्व आत्मशुद्धि और संयम की साधना का पर्व है। इन दिनों किया जाने वाला उपवास केवल भोजन का त्याग नहीं, बल्कि इंद्रियों पर नियंत्रण, इच्छाओं को सीमित करने, आत्मचिंतन और आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम माना गया है। तप के माध्यम से साधक अपने भीतर की आसक्ति और विकारों को कम करने का प्रयास करता है। पर्युषण के दौरान कठिन तप करने वाले साधकों की अनुमोदना करना भी जैन परंपरा में महत्वपूर्ण माना गया है।
तपस्वियों की अनुमोदना:
10 दिन के उपवास में संध्या गोइल, दिव्या जैन, अल्पना जैन, नीरू जैन, संगीता पांईया, विधि, आयुष पांईया, कल्पना जैन सागर, राजू जैन सिलवानी, रीति जैन, कीर्ति बैसाखिया और नीतू जैन ने 10-10 दिन का उपवास किया।
8 दिन के उपवास में अलका जैनऔर अंजली गोइल ने तप किया। 7 दिन के उपवास में शुभम जैन और ममता जैन शामिल रहे।
6 दिन के उपवास में प्रभा जैन और नितिन जैन ने तप किया। 5 दिन के उपवास में शशि-सतीश जैन, ज्योति जैन, अक्षत गोइल, कैलाशचंद जैन सागर, आनंद जैन, सुषमा सिंघई, रचना जैन और सन्मति जैन ने उपवास किया।
5 दिन के उपवास में कंचन देवेंद्रनगर, 4 दिन के उपवास में साधना खिमलासा एवं पारुल जैन नौवीं लाइन तथा 3 दिन के उपवास में डीके जैन सागर ने तप किया।
सामूहिक पारणा के अवसर पर समाजजनों ने सभी तपस्वियों की अनुमोदना करते हुए उनके तप की सराहना की।
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