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गिरनार व जूनागढ़ जीवंत हुये आराध्य धाम में, राग से वैराग्य की ओर, का अभिनव मंचन


गिरनार व जूनागढ़ जीवंत हुये आराध्य धाम में, राग से वैराग्य की ओर, का अभिनव मंचन

 फरीदाबाद। आराध्य धाम जिनालय में आयोजित दस लक्षण महापर्व के छठवें दिन संध्याकालीन कार्यक्रम में आचार्य अरुण सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से एक नाटिका 'राग से वैराग्य की ओर,' का अद्भुत मंचन किया गया. दो दिन में मंचित इस नाटिका में शौरीपुर के राजकुमार नेमि व महासती राजुल के परिणय व वैराग्य के दृश्यों से जन-जन पहले तो रोमांचित हुए फिर उनके नयनों से अश्रु निकल पड़े.
आराध्य धाम महिला मंडल, द्वारा आयोजित कार्यक्रम में नेमी कुमार के युवराज होने पर उनके बड़े भाई योगेश्वर कृष्ण, बलराम व परिवार जनों के साथ कई अनुपम पलों को जीवंत किया गया.
 जूनागढ़ की राजकुमारी राजुल से उनके परिणय प्रस्ताव,       वरयात्रा व वहां वध के लिए बंदी बनाए गए पशुओं के करुण क्रंदन से नेमी कुमार को वैराग्य होने के दृश्यों ने द्वापर को जीवंत कर दिया.
   वहीं दूसरी ओर जूनागढ़ की राजकुमारी का सखियों संग परिहास के बीच नेमी कुमार की दीक्षा के समाचार से जन-जन में वेदना का चित्रण प्रभावकारी रहा. राजकुमारी राजुल के विलाप के दृश्यों से दर्शकों की पलकों की कोरे भीग गई,पर गिरनार पर्वत पर दीक्षा के दृश्य जीवन का सत्य समझने में सफल हुए.
  इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन पर विभिन्न दृश्यों ने हर क्षण को जीवंत कर दिया राजुल व नेमी कुमार के अभिनय में श्रीमती रेखा व श्री सुरेंद्र को बहुत सराहा गया, अन्य पात्रों की भूमिका में तनुज जैन, गोपाल कृष्ण, मनोज जैन श्रीमती अनीता, श्रीमती रिया जैन, श्रीमती अंकित सेठी श्रीमती रेशु,श्रीमती ममता श्रीमती स्नेह प्रेरक रहे. अभिनय में इंजीनियर अंबर जैन,अक्षय जैन, मयंक जैन अपनी छाप छोड़ गये.
श्रीमती दीपिका, सोनल, सोनाली, रिया, प्रियंका, प्रिया, नेहा, दीपाली, कुमारी प्रज्ञा, मा. आर्जव, अंश भी अच्छे लगे.
बिशेष रूप से पधारी  बाम्हचारिणी वीणा दीदी का मार्गदर्शन भी मिला.
उपस्थित सैकड़ो दर्शकों की सराहना इस मंचन को मिली. यह सुंदर नाटक लंबे समय तक दर्शकों के मानस पटल पर रहेगा. कार्यक्रम के पश्चात सभी परिवारों को विवाह उपहार भी प्रदान किए गए.
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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