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दसलक्षण महापर्व: महरौनी में उत्तम आर्जव धर्म पर हुआ विशेष विधान, पुण्यार्जकों का सम्मान


दसलक्षण महापर्व: महरौनी में उत्तम आर्जव धर्म पर हुआ विशेष विधान, पुण्यार्जकों का सम्मान

महरौनी (ललितपुर ) । कस्बे के स्थानीय  शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में दशलक्षण महापर्व के तृतीय दिवस 'उत्तम आर्जव धर्म' अत्यंत श्रद्धा, उल्लास एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर प्रांगण में दिनभर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। सुबह वेदी पर विराजमान तीर्थंकर प्रभु का श्रद्धालुओं ने अभिषेक किया । इसके उपरांत मंत्रोच्चार के बीच विश्व शांति एवं जनकल्याण की कामना के साथ भव्य शांतिधारा संपन्न हुई। समाज के श्रावक-श्राविकाओं ने अष्टद्रव्य के साथ उत्तम आर्जव धर्म का पूजन कर सामूहिक शांति विधान में अर्घ्य समर्पित किए। इस दौरान मंदिर प्रबंध समिति द्वारा शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त करने वाले पुण्यार्जक परिवारों को तिलक, माला एवं दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया। सायंकालीन सत्र में श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर से पधारीं विदुषी दिव्यांशी जैन एवं विदुषी अवनि जैन द्वारा धर्मसभा में उत्तम आर्जव धर्म पर बोलते हुए कहा कि मन, वचन और काय में सरलता धारण करना तथा छल-कपट व मायाचारी का त्याग करना ही सच्चा आर्जव धर्म है। इसके उपरांत भगवान की संगीतमय महाआरती की गई। रात्रि में समाज के बच्चों एवं युवाओं द्वारा ज्ञानवर्धक व मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। आभार व्यक्त पंचायत समिति के उपाध्यक्ष अंकित जैन चौधरी ने किया।
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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