"शिक्षक शिक्षा में कला एवं हस्तकला की भूमिका "विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन हुआ
इटारसी । मां नर्मदा महाविद्यालय इटारसी में "शिक्षक शिक्षा में कला एवं हस्तकला की भूमिका "विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन मां नर्मदा कैंपस में 17 सितंबर गुरुवार को किया गया सर्वप्रथम परंपरा अनुसार मां वीणा वादिनी .गणेश जी एवं विश्वकर्मा भगवान के समक्ष दीप प्रजलान एवं माल्यार्पण द्वारा बी एड विभाग अध्यक्ष बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर हेमंत खंडई कन्या महाविद्यालय इटारसी की सह प्राचार्य श्रीमती हरप्रीत कौर रंधावा इटारसी द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय संचालक दीपक हरिनारायण अग्रवाल, प्राचार्य डॉ संतोष यादव शैलेन्द्र गौर शाइनी लोपेज डॉ. विशाल शुक्ला एवं अन्य अतिथियों की उपस्थिति मे किया गया । अतिथि देवो भव की परंपरा अनुसार संचालक प्राचार्य .एवंअन्य शैक्षणिक स्टाफ तथा प्रतिभागियों द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया सेमिनार के प्रारंभ मेंप्राचार्या संतोष यादव द्वाराकार्यक्रम की प्रासंगिकतारूपरेखा एवं महत्व से अवगत कराया गया सेमिनार का प्रारंभ मुख्य वक्ता डॉ खडई द्वारा उपरोक्त विषय में कई तथ्यों को बताया गया की हस्तकला एवं कला को शिक्षक शिक्षा में किस प्रकार उपयोगी बनाया जा सकता है एवं शिक्षक के रूप में आप विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए इसका उपयोग कैसे कर सकते हैंउन्होंने उक्त संबंध में बहुत सारे उदाहरण एवं दृष्टांत द्वारा एक शिक्षक किस तरह कला एवं हस्तकला का उपयोग बच्चों को पढ़ने में कर सकते हैं इस पर प्रकाश डाला अगली वक्ता श्रीमती रंधावा ने नई शिक्षा नीति N E P 2002 में कला एवं हस्तकला की भूमिका को विस्तार से बताते हुए अपने करियर को कैसे उत्तम कैसे बनाया जा सकता है इस बारे में बताया बीएड विभाग के छात्र एवं छात्राएं आकांक्षा सोलंकी, शांभवी, रजनी सोलंकी ,नंदिनी,आफरीन खान संजय कुमार एवं अन्य छात्र-छात्राओं द्वारा द्वारा शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम का कुशल संचालन श्रीमती शहनाज नजमी एवं आभार प्रदर्शन श्रीमती शैलेंद्र कार्यक्रम संयोजक द्वारा किया गया इस अवसर पर D.Ed विभाग अध्यक्ष शाइनी लोपेज,आर्ट एंड क्राफ्ट प्रभारी सोनल जैन, सांस्कृतिक प्रभारी राखी झंझोट,लाइब्रेरियन भारत भूषण सोलंकी तथा अन्य स्टाफ सहित B.Ed ,D. Ed छात्रों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर सेमिनार को सफल बनाया।
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