ओडिशा से आई बालिका को पुनर्वास के लिए गृह राज्य भेजा, छिंदवाड़ा में मिली बालिका को परिजनों के सुपुर्द किया
बालिकाओं की तलाश एवं पुनर्वास में सहयोग के लिए मुस्कान संस्था ने पुलिस अधीक्षक और पुलिस टीम का जताया आभार
इटारसी। मुस्कान बालिका गृह में संरक्षित बालिकाओं के पुनर्वास की दिशा में बाल कल्याण समिति के माध्यम से पहल की गई। ओडिशा से आई एक बालिका को संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए उसके गृह राज्य के बालिका गृह पहुँचाया गया। वहीं, संस्था से बिना बताए चली गई और छिंदवाड़ा में अपने परिवार के साथ मिली एक अन्य बालिका को पुलिस ने तलाश कर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति के माध्यम से उसे परिजनों के सुपुर्द किया गया।
संस्था से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ओडिशा निवासी बालिका अपनी बहन के साथ ट्रेन से आई थी। उसकी बहन किसी अन्य व्यक्ति के साथ चली गई थी। इसके बाद इटारसी रेलवे स्टेशन पर मिली बालिका को बाल कल्याण समिति के माध्यम से मुस्कान बालिका गृह में संरक्षण दिया गया। यहाँ उसकी देखभाल के बाद आज उसे आगे के संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए ओडिशा के बालिका गृह पहुँचाया गया।
केवल गाँव के नाम से पुलिस ने लगाया बालिका का पता
मुस्कान बालिका गृह से पूर्व में बिना बताए चली गई एक अन्य बालिका छिंदवाड़ा जिले के दामुहा गाँव में अपने परिवार के साथ रह रही थी। संस्था के पास केवल उसके गाँव का नाम उपलब्ध था। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने प्रयास कर उसका पता लगाया। आज बालिका को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद उसे परिजनों के सुपुर्द किया गया।
इसी प्रकार पुलिस थाना सुहागपुर के माध्यम से बाल कल्याण समिति के आदेश पर मुस्कान बालिका गृह में आई एक अन्य बालिका का भी आज उसके परिवार में पुनर्वास किया गया।
पहले भी चार बालिकाओं को तलाश चुकी है पुलिस
इससे पहले इटारसी पुलिस संस्था से बिना बताए चली गईं चार बालिकाओं को अलग-अलग स्थानों से दस्तयाब कर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर चुकी है। इनमें तीन बालिकाएँ एक साथ संस्था से चली गई थीं। समिति के माध्यम से उनके पुनर्वास की व्यवस्था की गई।
पाँच जिलों की बालिकाओं को मिलता है संरक्षण
इटारसी की न्यास कॉलोनी स्थित मुस्कान बालिका गृह में नर्मदापुरम, हरदा, रायसेन, विदिशा एवं खंडवा—पाँच जिलों से बाल कल्याण समितियों के आदेश पर देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाली बालिकाएँ आती हैं। संस्था प्रबंधन के अनुसार, यहाँ उनके रहने, भोजन, शिक्षा, परामर्श एवं देखभाल की व्यवस्था की जाती है। बाल कल्याण समिति के निर्देशानुसार उनके सुरक्षित पारिवारिक पुनर्वास अथवा अन्य उपयुक्त संस्था में संरक्षण के प्रयास भी किए जाते हैं।
संस्था प्रबंधन ने बताया कि कुछ बालिकाएँ प्रेम प्रसंग अथवा पारिवारिक विवाद जैसी परिस्थितियों में घर छोड़ देती हैं और बाल कल्याण समिति के माध्यम से संस्था में पहुँचती हैं। कभी-कभी कुछ बालिकाएँ आपस में समूह बनाकर संस्था से भी बिना बताए चली जाती हैं। ऐसी परिस्थितियों में उनकी तलाश, समझाइश और सुरक्षित पुनर्वास के लिए पुलिस एवं बाल कल्याण समिति के साथ समन्वय किया जाता है।
पुलिस अधिकारियों और पूरी टीम का जताया आभार
मुस्कान संस्था परिवार ने बालिकाओं की तलाश एवं पुनर्वास में सहयोग के लिए पुलिस अधीक्षक महोदय, एसडीओपी वीरेंद्र मिश्रा, थाना प्रभारी सौरव पांडे, एसआई विपिन पाल, श्रद्धा राजपूत, अशोक चौबे, महेंद्र गुर्जर सहित पुलिस थाने की पूरी टीम का हार्दिक आभार व्यक्त किया। संस्था ने बालिकाओं की सुरक्षा, देखभाल एवं पुनर्वास के लिए सहयोग जारी रखने की बात कही।
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