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खण्डवा पुलिस को मिली बड़ी सफलता –शातिर वाहन चोर गिरोह पुलिस गिरफ्त में



खण्डवा पुलिस को मिली बड़ी सफलता –शातिर वाहन चोर गिरोह पुलिस गिरफ्त में

61 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद, अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये

मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से चोरी की गई थीं मोटरसाइकिलें, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर संयुक्त टीम ने की प्रभावी कार्रवाई

 निर्मल मंगवानी की रिपोर्ट

खण्डवा। पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन द्वारा जिले में सम्पत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम, वाहन चोरी की घटनाओं में आरोपियों की पतारसी तथा चोरी गए मशरूका की अधिक से अधिक बरामदगी हेतु जिले के समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया था। इसी क्रम में वाहन चोरी की घटनाओं की पतारसी हेतु पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री महेन्द्र तारणेकर एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री अभिनव बारंगे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली श्री प्रवीण आर्य के नेतृत्व में थाना कोतवाली एवं सायबर सेल की संयुक्त टीम का गठन किया गया।

*तकनीकी साक्ष्यों एवं CCTV फुटेज से मिला महत्वपूर्ण सुराग*

गठित टीम द्वारा वाहन चोरी की विभिन्न घटनाओं का बारीकी से विश्लेषण करते हुए तकनीकी साक्ष्यों का संकलन एवं CCTV फुटेज का विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान विभिन्न घटनाओं में एक ही गिरोह के शामिल होने संबंधी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। इन तथ्यों के आधार पर थाना प्रभारी कोतवाली द्वारा अलग-अलग मैदानी एवं तकनीकी टीमों का गठन कर संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की निगरानी तथा चेकिंग प्रारंभ की गई।

*तकनीकी तथ्यों के आधार पर वाहन चेकिंग में पकड़े गए दो संदिग्ध, हुआ अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा*

वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों के संकलन एवं CCTV फुटेज के आधार पर दो संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा गया। पूछताछ में दोनों ने अपना नाम विशाल पिता राजेन्द्र राठौर निवासी अमनखेड़ी रोड भीकनगांव जिला खरगोन तथा बबलू पिता सरदारिया बारेला निवासी ग्राम धनोरी थाना सेंधवा जिला बड़वानी बताया। पूछताछ एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों से सघन पूछताछ की गई, जिसमें एक शातिर वाहन चोर गिरोह का खुलासा हुआ। आरोपियों से पूछताछ एवं उनकी निशानदेही पर खण्डवा पुलिस द्वारा मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से चोरी की गई कुल 61 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये है।

*पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड*

आरोपी विशाल पिता राजेंद्र राठौर के शातिर वाहनचोर होकर वह मात्र 03 मिनट में  किसी भी दो पहिया वाहन का लॉक तोड़कर चोरी कर सकता है।  आरोपी के विरुद्ध मध्य्प्रदेश के अलग अलग थानों में कुल 11 अपराध दर्ज हैं। आरोपी के साथी बबलू पिता सरदारिया बारेला के विरुद्ध भी कुल 02 अपराध दर्ज होना पाया गया है।  

*इन जिलों से चोरी की गई थीं मोटरसाइकिलें*

बरामद 61 मोटरसाइकिलों मे जिला खण्डवा – 07 मोटरसाइकिलें एवं खरगोन, बड़वानी, धार, इंदौर, रतलाम, देवास, महाराष्ट्र राज्य के विभिन्न जिले से चोरी की गई मोटरसाइकिलें शामिल हैं।

*जंगल में छिपाकर रखते थे चोरी के वाहन*

पूछताछ में आरोपियों द्वारा बताया गया कि वे मोटरसाइकिल चोरी करने के बाद उन्हें तत्काल बेचने के बजाय जंगल एवं अन्य सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखते थे। पर्याप्त संख्या में मोटरसाइकिलें एकत्रित हो जाने के बाद खरीददार की तलाश की जाती थी। खरीददार की मांग के अनुसार चोरी की मोटरसाइकिलों को स्क्रैप, पार्ट्स अथवा पूरी मोटरसाइकिल के रूप में बेच दिया जाता था।

*कई वर्षों से सक्रिय था गिरोह, महाराष्ट्र राज्य के सीमावर्ती जिलों तक फैला था कार्यक्षेत्र*

पूछताछ में आरोपियों द्वारा कई वर्षों से वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देना बताया गया है। आरोपियों का कार्यक्षेत्र मध्यप्रदेश के खण्डवा, खरगोन, बुरहानपुर, बड़वानी, हरदा एवं रतलाम जिलों सहित मध्यप्रदेश से लगे महाराष्ट्र राज्य के सीमावर्ती जिलों तक फैला होना पाया गया है।

*आरोपियों से अन्य वाहन चोरियों के खुलासे की संभावना*

दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है तथा पुलिस रिमांड प्राप्त किया जा रहा है। आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान अन्य वाहन चोरी की वारदातों, गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों एवं चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त में शामिल व्यक्तियों के संबंध में महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।

*महत्वपूर्ण भूमिका*

उक्त संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली श्री प्रवीण आर्य, सउनि प्रकाश ठाकरे, सउनि मनोज सोनी, सउनि अनिल शुक्ला, प्रआर लतेश पाल, प्रआर अमर प्रजापत, प्रआर विकास मंडलोई, प्रआर चेतन यावतकर, प्रआर नरेन्द्र भलावी, प्रआर राजेन्द्र डांगरे, प्रआर अंकित यादव, आरक्षक दीपेन्द्र, आरक्षक अरविन्द तोमर, आरक्षक राहुल, आरक्षक आलेश, आरक्षक अनुराग, आरक्षक पंकज साहू, आरक्षक महेंद्र भट्ट, आरक्षक रुपेश, आरक्षक निर्भय, आरक्षक हेमंत सपकाले तथा सायबर सेल से प्रआर जितेन्द्र राठौर, प्रआर विक्रम वर्मा, प्रआर सुनील लांडगे, प्रआर रामनरेश यादव एवं आरक्षक उदयसिंह की सराहनीय भूमिका रही।
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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