ad

वैदिक प्रकाशन द्वारा साहित्य पितामह भागवत प्रसाद बशिष्ठ की 35वीं और 36वीं पुस्तक का प्रकाशन हुआ


 वैदिक प्रकाशन द्वारा साहित्य पितामह भागवत प्रसाद बशिष्ठ की 35वीं और 36वीं पुस्तक का प्रकाशन हुआ

बागपत । 12 जुलाई 2024 को वैदिक प्रकाशन ने साहित्य जगत के महानायक, साहित्य पितामह भागवत प्रसाद बशिष्ठ की 35वीं और 36वीं पुस्तकों का भव्य विमोचन किया। बशिष्ठ की 35वीं पुस्तक, 'पारिजात', अपने शीर्षक के समान ही अनमोल है। पारिजात, जो समुद्र मंथन से निकला एक अद्वितीय वृक्ष है, मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला माना जाता है। इस पुस्तक में सम्मिलित अनमोल कथा प्रसंग इसी नाम की सार्थकता को चरितार्थ करते हैं। बशिष्ठ ने अपनी इस कृति में जीवन को सुवासित करने वाले प्रसंगों को प्रस्तुत किया है, जो पारिजात वृक्ष के समान फलदायी हो सकते हैं। पुस्तक की कहानियों में वही महक और खुशबू है, जो पाठकों के जीवन को महका देगी।

बशिष्ठ की साहित्यिक यात्रा की 36वीं पायदान पर एक और अद्वितीय रचना 'एस.पी साहिबा' है। इस पुस्तक की मुख्य पात्र दीपा, एक एस.पी के रूप में अपनी बहादुरी और कार्यकुशलता की कहानी बयां करती है। दीपा की अद्वितीय प्रतिभा और अदम्य साहस पाठकों को रोमांचित कर देता है। गुंडों और आतंकियों के लिए यह रणचंडी बनकर खड़ी होती है, जिसकी कहानी जानकर पाठक दंग रह जाएंगे। बशिष्ठ की यह कृति भी उनकी अन्य रचनाओं की तरह जीवंत और प्रेरणादायक है।

भागवत प्रसाद बशिष्ठ ने अपने साहित्यिक करियर में तीन दर्जन से अधिक पुस्तकें लिखी हैं। उनकी लेखन यात्रा अद्वितीय और प्रेरणादायक है। वैदिक प्रकाशन ने उनके इस योगदान को सराहा और भविष्य में और भी शानदार कृतियों की उम्मीद जताई। 


देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

Post a Comment

Previous Post Next Post