करम महोत्सव में खोरठा गीतकार विनय तिवारी समेत कई मशहूर गायक ,गायिकाएं व शिक्षाविद हुए सम्मानित
धनबाद - ऋषिकेश महतो मेमोरियल पब्लिक एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा आयोजित झारखंडी सांस्कृतिक कार्यक्रम की ओर से विशाल करम महोत्सव का आयोजन किया गया.इस मौके पर *मुख्य अतिथि विद्यायक मथुरा प्रसाद महतो* ने कहा कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है. झारखंड की पहचान हमारी संस्कृति से है, इसे प्रोत्साहित करने की जरूरत है. *युवा नेता दिनेश महतो* ने कहा कि अपनी संस्कृति को बचाना हम सबों का उत्तरदायित्व है. विशिष्ट अतिथि तोपचांची बी, डी, ओ, फणीश्वर रजवार ने कहा कि करमा की पहचान ही झारखंड की सभ्यता है,इसे हर हाल में बनाएं रखे. झारखंड सरकार से सम्मानित खोरठा के मशहूर साहित्यकार, कवि,लोककलाकार, निर्देशक एवं *गीतकार विनय तिवारी* ने कहा कि करम परब झारखंड की सभ्यता और संस्कृति का परिचायक है। यह सभ्यता झारखंड की माटी से जुड़ा हुआ है। इसलिए यह पर्व प्रकृति के पर्व के रूप में मनाते है।इस पर्व को भादो माह में एकादशी के दिन बहन अपने भाई के लंबी उम्र के लिए व्रत रखती है। हमारी संस्कृति को बचाए रखने के लिए युवाओं को आगे आना होगा।
इस अवसर पर झारखंड सरकार से सम्मानित मशहूर खोरठा गीतकार विनय तिवारी, शिक्षाविद राजेश ओझा ,समाजसेवी राजीव तिवारी, गायिका श्रुति दुबे, समेत अन्य खोरठा, कुड़मालि कलाकारों को शॉल ओढ़ाकर, प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्र एवं विद्यालयों से आयी छात्राओं के अलावा उपस्थित महिलाओं नें भी करम महोत्सव पर आधारित गीत एवं मांदर की थाप पर खूब नृत्य किया. करम महोत्सव को सफल बनाने में बसंत महतो,परितोष महतो, उत्तम महतो ,राजकुमार महतो, सरिता दुबे, रूपेश तिवारी, राजरंजन तिवारी, रुद्रप्रताप तिवारी समेत संस्था के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

