ad

29 अक्टूबर से 01 नवंबर तक चार दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन होगा



29 अक्टूबर से 01 नवंबर तक चार दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन होगा

 चित्रकूट। मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग की जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी के अंतर्गत संचालित तुलसी शोध संस्थान चित्रकूट द्वारा प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी दीवाली मेले के अवसर पर 29 अक्टूबर से 01 नवंबर तक चार दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन प्रमोदवन स्थित तुलसी मंच पर आयोजित होगा।

तुलसी उत्सव-रघुनाथ गाथा समारोह शीर्षक से आयोजित होने वाले इस समारोह में विशेष रूप से अयोध्या जी आमंत्रित मिथिलांचल आदर्श रामलीला फ़ाउंडेशन द्वारा स्वामी विष्णु राय जी के निर्देशन में रामलीला की विभिन्न प्रसंगों का मंचन, व्याख्यान, नाट्य प्रस्तुति भक्ति गायन एवं संगीतमय रामकथा और भजनों की प्रस्तुति होगी। प्रतिदिन आयोजित गतिविधि का विवरण इस प्रकार होगा -

शुभारंभ सत्र शाम छह बजे से 29 अक्टूबर 2024 व्याख्यान- ‘‘चित्रकूट में राम’’ वक्ता- डॉ. कुसुम सिंह, जौनपुर

तुलसी की जीवन संगिनी रत्नावली पर केन्द्रित नाट्य *‘‘तुलसी रत्न रत्ना‘‘ की प्रस्तुति वेद नाट्य संस्थान-उज्जैन।

30 अक्टूबर 2024 सुबह 8 बजे से श्रीरामलीला प्रस्तुति-(रामजन्म, ताड़का वध और अहिल्या उद्धार प्रसंग)

व्याख्यान- ‘‘वनवास में श्रीराम’’

वक्ता - डॉ. नलिन दुबे-रीवा, संगीतमयी भक्ति गायन- सुश्री मणिका पाण्डेय-सीधी, विनय पत्रिका पदों पर गायन प्रान्तीय कलाकार संघ- रीवा    

रात्रि आठ बजे से श्रीरामलीला प्रस्तुति-(पुष्पवाटिका, लक्ष्मण-परशुराम संवाद और राम विवाह प्रसंग)

31 अक्टूबर 2024 सुबह 8 बजे से

श्रीरामलीला प्रस्तुति- (कैकेई-मंथरा संवाद, राम वनवास, केवट प्रसंग और भरतमिलाप) व्याख्यान- ‘‘श्रीराम के आदर्श एवं लोक जीवन’’

वक्ता-  डॉ . नवल किशोर मिश्र-बनारस, संगीतमयी रामकथा- सुश्री पुष्पा रामायणी, बघेली लोक गीतों में राम-श्री अरविंद पटेल एवं साथी कलाकारों द्वारा तत्पश्चात श्रीरामलीला प्रस्तुति- (सीताहरण, सुग्रीव मित्रता और बालि वध प्रसंग)

01 नवंबर सुबह 8 बजे से रामलीला प्रस्तुति-(लंका दहन,विभीषण शरणागति और अंगद-रावण संवाद प्रसंग) व्याख्यान- ‘‘राम कथा की विश्व यात्रा’’ वक्ता- डॉ. कमलेश थापक-चित्रकूट, संगीतमयी रामकथा- डॉ. आर.के. पाण्डेय एवं  साथी कलाकार, चित्रकूट,भक्तिगायन- श्री अजय मिश्र, चित्रकूट और सायं 06:30 बजे  से श्रीरामलीला प्रस्तुति-(लक्ष्मण शक्ति, राम-रावण युद्ध और राम राज्याविषेक प्रसंग)

शोध संस्थान के निदेशक दीपक गुप्ता ने बताया कि उक्त गतिविधियां सभी जनसामान्य के लिए ने नि:शुल्क होंगी। सभी से आग्रह है कि वे इस सांस्कृतिक उपक्रम का लाभ उठाएँ।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

Post a Comment

Previous Post Next Post