व्यंग्यम की 97वी मासिक व्यंग्य पाठ गोष्ठी संपन्न
जबलपुर। व्यंग्य विधा के उन्नयन के लिए समर्पित 'व्यंग्यम' द्वारा 97 वीं मासिक गोष्ठी का आयोजन जय नगर स्थित पाण्डेय निवास में किया गया |
कार्यक्रम के शुरुआत में 'व्यंग्यम यूट्यूब चैनल" का लोकार्पण हुआ तत्पश्चात गोष्ठी में सर्वप्रथम व्यंग्यकार श्री जय प्रकाश पांडे जी ने सभी उपस्थित व्यंंग्यकारों का स्वागत किया। गोष्ठी के प्रारम्भ में व्यंग्यकार श्री ओ. पी. सैनी ने 'जातीय समीकरण ', श्री जय प्रकाश पांडे जी ने 'जलवेदार जलेबी बाई ', श्री यशो वर्धन पाठक जी ने 'जनसेवक से नेताजी ', श्री अभिमन्यु जैन जी ने 'मुद्रा, मुख मुद्रा ' श्री विजय तिवारी 'किसलय ' ने 'आभासी दुनिया से अलविदा', रमाकांत ताम्रकार ने 'जलेबी जलेबीबाइयों' श्री के. पी. पांडे जी ने 'नागराज ए. सी. यात्रा पर ' श्री प्रतुल श्रीवास्तव जी ने 'इच्छाधारी नाग के साथ रेल् यात्रा ' तथा वरिष्ठ व्यंग्यकार श्री कुंदन सिंह परिहार जी ने 'किताब का कर्मकाण्ड ' शीर्षक वाले व्यंग्य लेखों का पाठ किया। बुंदेली व्यंग्यकार श्री द्वारका गुप्त गुप्तेश्वर जी की उल्लेखनीय उपस्थिति रही.
कार्यक्रम का संचालन यशस्वी व्यंग्यकार श्री प्रतुल श्रीवास्तव जी ने किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता देश के प्रसिद्ध कथाकार एवं व्यंग्यकार डॉ कुंदन सिंह परिहार जी ने की तथा आभार प्रदर्शन डॉक्टर विजय तिवारी किसलय ने किया।

