काव्य :
करवा चौथ
*।1।*
केवल यह एक व्रत ही नहीं
सुहागन का संस्कार है।
पति की दीर्घ आयु के लिए
यह चंद्रमा से गुहार है।।
प्रेम की अभिव्यक्ति की मानों
चरम सीमा है करवा चौथ।
सोलह श्रृंगार से सुजाज्जित
आस्था का त्यौहार है।।
*।2।*
स्नेह प्रेम आस्था विश्वास का
एक पर्व है करवा चौथ।
एक सुहागन के समर्पण
का गर्व है करवा चौथ।।
भारतीय नारी पति के जीवन
के लिए कर सकती कुछ भी।
एक नारी के श्रृंगारित स्वरूप
का दर्प है करवा चौथ।।
- एस के कपूर "श्री हंस", बरेली।
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