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रात में असमय बारिश से गिरी‌ धान की फसल, नुकसान की भरपाई की मांग


 रात में असमय बारिश से गिरी‌ धान की फसल, नुकसान की भरपाई की मांग

इटारसी । कल रात चली आंधी तेज हवा से तहसील इटारसी के क्षेत्र में धान की फसल‌ को नुकसान हुआ है । किसानों के अनुसार लगभग 60-70 प्रतिशत नुकसान होनें की आशंका है । 

*धान गिरने से कटाई में होगी‌ दिक्कत*

धान की फसल गिरनें से हार्वेस्टर द्वारा फसल कटाई में दिक्कतें आएगी । क्योंकि हार्वेस्टर के कटर को जमीन से सटा कर चलाना पड़ेगा ऐसी स्थिति‌ में धान के साथ अत्यधिक मात्रा में मिट्टी भी आएगी जिससे उत्पादन की क्वालिटी कम हो जाएगी, और किसानों को दाम नहीं मिल सकेंगे, जिन किसानों के खेत में धान पक चुकी है तेज हवा‌ से धान टूटकर खेत में गिरी है जिससे अधिक नुकसान हुआ है।

*इन क्षेत्रों में हुआ नुकसान*

तेज हवा से इटारसी क्षेत्र के रामपुर, रूपापुर, गजपुर, कांदई, दमदम, सोमलबाड़ा, चांदौन, घांटली, चिल्लई, नांदनेर, बिछुआ, खापा, गुर्रा, सिलारी, सोनतलाई, एवं अन्य जगह भी अधिक नुकसान हुआ है । जहां के किसानों नें सर्वे कराकर राहत राशि देनें की‌ मांग की है ।

*शीघ्र सर्वे कराकर राहत दे शासन-प्रशासन*

कल रात हुई‌ असमय बारिश और  तेज आंधी से क्षेत्र के किसानों के धान‌ की फसल आड़ी हुई है जिससे लगभग 60-70 प्रतिशत नुकसान होनें की आशंका है । प्रशासन शीघ्र ही सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को राहत राशि प्रदान करें, अन्यथा भारतीय किसान संघ प्रभावित किसानों के हित के लिए सड़क पर उतरकर आंदोलन‌ करेगा- रजत दुबे ( जिला सहमंत्री, भाकिसं नर्मदापुरम् ) 

*अधिक नुकसान हुआ है*

दमदम के किसान रामस्वरूप चौरे नें बताया कि मेरे खेत में अत्यधिक नुकसान हुआ है धान की फसल पूरी खराब हो चुकी है प्रशासन शीघ्र ही‌ राहत राशि प्रदान करे । 

*नुकसान की‌ भरपाई करे प्रशासन*

चांदौन के किसान कमल गालर नें बताया कि लगभग 7 एकड़ की धान की फसल तेज हवा‌ से खराब हुई है कटाई प्रभावित होगी 60 प्रतिशत नुकसान हो‌ चुका है । खेत का सर्वे कराकर मुझे राहत मिले ।

*अधिक नुकसान, सर्वे कार्य हो*

रूपापुर के किसान सरदार यादव नें बताया कि रूपापुर में भी अत्यधिक हवा‌ चली है जिससे नुकसान हुआ है पूरे गांव के किसानों की धान खराब हुई है सर्वे कराकर राहत प्रदान करना चाहिए ।‌

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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