26 सितंबर को जिला प्रशासन को घेरेगा भारतीय किसान संघ
इटारसी । भारतीय किसान संघ जिला नर्मदापुरम् की बैठक इटारसी में संपन्न हुई, जिसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामभरोस बसोतिया, मध्यभारत प्रांत के अध्यक्ष सर्वज्ञ दीवान विशेष रूप से उपस्थित रहे । भारतीय किसान संघ के जिला प्रचार प्रसार प्रमुख ललित सिंह चौहान नें बताया कि वर्तमान में शासन प्रशासन द्वारा किसानों की उपेक्षा की जा रही है, शासन के द्वारा कहा गया है कि प्रशासन किसानों के बीच सामंजस्य बनाकर कार्य करे लेकिन जिला प्रशासन लगातार ही किसानों के प्रति उदासीन रवैया अपना रहा है, जिलेभर में खाद का संकट व्याप्त है किसान हजारों की तादात में कतारों में खड़े हुए है लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान न देकर इतिश्री कर रहा है प्रशासन की उदासीनता के विरोध में किसान संघ बड़ा आंदोलन करनें जा रहा है ।
*26 सितंबर को घेरेंगे*
भारतीय किसान संघ के संभागीय प्रचार प्रसार प्रमुख उदय कुमार पाण्डेय नें बताया कि आज किसान प्रशासन की उदासीनता के कारण किसानी के काम नही कर पा रहा है,किसानी से जुड़े कोई भी विभाग अपना दायित्व नहीं निभा रहे है, जिम्मेदार अधिकारी अपनें कर्तव्यों से विमुख हो रहे है जिला प्रशासन चुपचाप बैठ कर तमाशा देख रहा है, किसानों से न सामंजस्य बना रहा है, न हीं किसानों की समस्याओं का निराकरण कर पा रहा है । भारतीय किसान संघ नें यह निर्णय लिया है कि 26 सितंबर को जिला प्रशासन को घेरनें की रणनीति बनायी गयी है ।
*ज्ञापन देनें से भी नहीं कर रहे कार्यवाही*
भाकिसं के जिलाध्यक्ष ओमकार राजपूत नें बताया भारतीय किसान संघ प्रत्येक माह ज्ञापन देता है, विभिन्न विभागों से संबंधित ज्ञापनों पर अधिकारी कोई कार्यवाही नहीं कर पा रहे है जिम्मेदार प्रशासन किसानों के प्रति गैर जिम्मैदाराना काम कर रहा है, अब भारतीय किसान संघ जिला प्रशासन को घेरेगा क्योंकि प्रशासन की किसानों के प्रति बेरूखी हमें मंजूर नहीं है । 26 सितंबर को प्रशासन को जिम्मेदारियों का एवं किसानों के प्रति दायित्वों के निर्वहन का अहसास करानें किसान जिला मुख्यालय पर आनें वाले है ।
*इन मांगों को लेकर घेरेगा किसान संघ*
1-वर्तमान में खाद का संकट व्याप्त है प्रशासन शीघ्र ही जिलेभर में पर्याप्त खाद की व्यवस्था करे, एवं पूर्व की भांति सोसायटी के माध्यम से वितरण करें ।
2- धान का समर्थन मूल्य 3100 रूये क्विंटल करके इसी वर्ष खरीदी की जाए ।
3- सोयाबीन का समर्थन मूल्य 6000 रूपये प्रति क्विंटलकिया जाए ।
4-वर्तमान में खराब हुई फसलों (सोयाबीन -मक्का )का सर्वे शीघ्र ही किया जाए एवं क्षतिपूर्ति राशि तथा बीमा राशि का भुगतान किया जाए ।
5- प्रधानमंत्री फसल बीमा अंतर्गत इस वर्ष बंटी बीमा राशी का पुनर्मुल्यांकन करके पुन: वितरण करें ।
6- जंगली जानवरों द्वारा नुकसान हुई फसल का सर्वे कराकर क्षतिपूर्ति राशि प्रदान करें ।
7- किसानों को सिंचाई हेतु दिन के समय ही पर्याप्त 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की जावे ।
8- किसानों के खेत पहुंच शासकीय मार्गों का सीमांकन करके खेत सड़क योजना प्रारंभ की जावे ।
9- जिले में शेष रहे किसानों के मूंग का भुगतान शीघ्रता से किया जावे ।
10- पिछले वर्ष शासकीय समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान पर बोनस देनें का वादा सरकार द्वारा किया गया था किंतु अभी तक बोनस राशि खातों में नहीं डाली गयी, सरकार शीघ्र ही बौनस राशि डालें ।
एवं अन्य मुद्दों को लेकर भी भारतीय किसान संघ उग्र आंदोलन करनें वाला है ।
*ये रहे उपस्थित*
भारतीय किसान संघ की बैठक में अखिल भारतीय उपाध्यक्ष रामभरोस बसोतिया, प्रांत अध्यक्ष सर्वज्ञ दीवान, ओमकार राजपूत, शंकरसिंह पटैल, उदयकुमार पाण्डेय,ओमप्रकाश उपाध्याय, देवेन्द्र पटैल, मंगलसिंह राजपूत, बृजेश राजपूत,शिवमोहन सिंह,ग्यारसा पटैल, रजत दुबे,ललित सिंह,लखनलाल चौधरी, गोपाल पटैल,राजकुमार राजपूत,बृजकिशोर लोवंशी, श्यामशरण तिवारी,राजेश दीवान, कन्हैया राजपूत, शरद पटैल, बदामीलाल साध,सोनू ठाकुर, सुभाष साध, विनोद दुबे,गोपाल मीणा एवं अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे ।
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