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दशलक्षण व्रतों के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की हुई आराधना


 दशलक्षण व्रतों के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की हुई आराधना

जिस कार्य को करने से कर्मों की निर्जरा हो वह धर्म है- पं. संतोष कुमार

स्वभाव में संयम है तो सार अन्यथा मानव जीवन बेकार- सजल भैया

ललितपुर। सिद्ध क्षेत्र पावागिरि सहित तालबेहट के दोनों जैन मंदिरों में दशलक्षण व्रतों के आठवें दिन गुरुवार को सुबह धर्माबिलंबियों ने मंदिर पहुँचकर अभिषेक शांतिधारा पूजन विधान की क्रियाओं में सहभागी बन उत्तम त्याग धर्म को अंगीकार किया। धर्मसभा से पूर्व श्रेष्ठीजनों ने आचार्य विद्यासागर महाराज का चित्र अनावरण कर ज्ञान दीप प्रज्जवलित किया। मंगलाचरण मौली जैन ने किया। पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में पं. संतोष कुमार जैन अमृत ने कहा शाश्वत सुख की प्राप्ति के लिए धर्म रूपी गंगा में प्रक्षालन करना होगा। जिस कार्य को करने से कर्मों की निर्जरा हो और संसार से निकालकर मोक्ष की ओर ले जाये वह धर्म है। इन्द्रिय जनित सुख क्षणिक होता है जबकि आत्मिक सुख शाश्वत है। इन्द्रिय विषयों को रोककर कर्मों का नाश करने के लिए किया गया कार्य तप है। जैसे दाल से बड़ा बनता है, दूध से घी निकलता है वैसे ही तप के द्वारा आत्मा की उत्कृष्ट अवस्था प्राप्त होती है। वासुपूज्य दिगम्बर जैन मंदिर में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर से आये सजल भैया ने कहा यदि स्वभाव और व्यवहार में संयम है तो सार अन्यथा मानव जीवन बेकार। बिना संयम के जीवन बिना ब्रेक की गाड़ी के समान है। जो कभी अपनी मंजिल तक नहीं पहुँच सकती है। मृदु माटी जब संयम रखती है तो कलश बन जाती है वैसे ही मनुष्य संयम से महान बनता है। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में बच्चों ने सुन्दर प्रस्तुति दी। जिसमें आरोही जैन प्रथम, वत्सल भंडारी द्वितीय एवं निमिषा जैन तृतीय रहे। कार्यक्रम में महेंद्र जैन, पुष्पेंद्र विरधा, प्रवीन भंडारी, श्रेयांश जैन, राकेश सतभैया, अरविन्द कुमार, विकास भंडारी, जितेंद्र बड़ौरा, धर्णेन्द्र जैन, चक्रेश कुमार, सुशील मोदी, प्रदीप एड, कपिल मोदी, हितेंद्र पवैया. विकास पवा, रोहित बबीना, भूपेंद्र जैन, विनय गरेठा, सुनील करैरा, नीलेश  गरेठा, सुरेंद्र विरधा, अंजेश गुन्देरा, अरविन्द जैन, पंकज भंडारी, स्वतन्त्र जैन, अजय कुमार, अमन जैन, मनीष  कुमार, रुपेश भंडारी, सिद्ध जैन, विनम्र, पारस, पुनीत, आगम जैन सहित  सकल दिगम्बर जैन समाज का सक्रिय सहयोग रहा। संचालन अनिल जैन एवं मयूर चौधरी ने किया। आभार व्यक्त अरुण मोदी एवं विशाल जैन पवा ने किया।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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