ad

काव्य : दिवाली आई दिवाली आई -श्रीमती अंजना दिलीप दास, बसना


 काव्य : 

दिवाली आई दिवाली आई


दिवाली आई दिवाली आई,

करो सफाई करो सफाई ।

घर का एक कोना भी छूटे ना 

सफाई दौरान कांच कोईभी टूटे ना ।

घर में एक भी जाला रह ना पाए, 

यहां जरा गंदगी है सास ये कह न पाए,

कबाड़ी वाले से भी कर लो थोड़ी कमाई ।

दिवाली आई दिवाली आई ,

करो सफाई करो सफाई ।


मैनीक्योर अभी भूल जाओ, 

घर के सारे बर्तन चमकाओ।

रानी बनठन रहती हो, 

चार दिन नौकरानी बन जाओ।

पुरानी साड़ियों का स्टॉक सारा,

देदो झोला भर खुश हो जाए कामवाली बाई।

दिवाली आई दिवाली आई ,

करो सफाई करो सफाई ।


फिर शॉपिंग के लिए जान खाओ ,

अनगिनत चीजें घर ले आओ। 

बिंदिया चूड़ी गंगन पायल ,

पहन पति को करना घायल ।

सोने की दुकान भी जाकर ,

पति बेचारा बैठा होगा मुंह फुलाकर।

पत्नी करेगी जेब की धुलाई ,

दिवाली आई दिवाली आई 

करो सफाई करो सफाई ।


सबकुछ महारानी को आज ही लेना ,

मन मन में पति को बस यही है कहना ।

सामने तो बेचारा कह न पाए, 

बीवी घर में तानेमारखूब सताए ।

जेब खाली करवाओ रे भाई 

दिवाली आई दिवाली आई 

करो सफाई करो सफाई।

 

रंग बिरंगे मिठाई लाओ ,

घर में भी खूब पकवान बनाओ ।

घर द्वार तो सब चमक चुका है ,

अब अपने मन को चमकाओ ।

मिलजुल पूजा आराधना से,

मन को भी पावन बनाओ रेभाई 

दिवाली आई दिवाली आई,

करो सफाई करो सफाई ।


 -   श्रीमती अंजना दिलीप दास 

           बसना 

जिला - महासमुंद (छत्तीसगढ़)

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

Post a Comment

Previous Post Next Post