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मन की गुलामी से मुक्ति ही सच्ची आजादी- शक्ति दीदी



मन की गुलामी से मुक्ति ही सच्ची आजादी- शक्ति दीदी

स्वतंत्रता दिवस पर भाग्योदय भवन में दिया राष्ट्रप्रेम का संदेश

 खंडवा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के भाग्योदय भवन में 80 वां स्वतंत्रता दिवस आध्यात्मिक चेतना, राष्ट्रप्रेम और आत्मिक स्वतंत्रता के संदेश के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सेवा केंद्र प्रभारी बीके शक्ति दीदी ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को नमन किया। कार्यक्रम में न्यायपीठ बाल कल्याण समिति खंडवा के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा तथा अजय तिवारी उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए बीके शक्ति दीदी ने कहा कि देश को बाहरी स्वतंत्रता प्राप्त हुए कई दशक बीत चुके हैं, लेकिन आजादी का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा, जब मनुष्य अपने भीतर की नकारात्मकता से भी स्वतंत्र हो। भय, तनाव, क्रोध, चिंता, अहंकार और नकारात्मक विचार मनुष्य को भीतर से बांधते हैं। इन बंधनों से मुक्ति ही सच्ची आजादी है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान व्यक्ति को अपनी वास्तविक पहचान और आंतरिक शक्ति से जोड़ता है। यदि मन शांत और विचार सकारात्मक हों तो कठिन से कठिन परिस्थितियों का भी धैर्य और विवेक के साथ सामना किया जा सकता है। प्रवीण शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता हमें अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों का भी बोध कराती है। राष्ट्र की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब प्रत्येक नागरिक अपने दायित्वों के प्रति सजग हो।

जिला जेल में 400 बंदी भाइयों को बांधा परमात्मा का रक्षा सूत्र

ब्रह्माकुमारीज की बीके गायत्री दीदी, बीके किरण दीदी एवं बीके आरती दीदी ने बंदी भाइयों को रक्षाबंधन का आध्यात्मिक महत्व समझाते हुए कहा कि रक्षा सूत्र केवल कलाई पर बांधा जाने वाला धागा नहीं, बल्कि स्वयं को बुराइयों, नकारात्मक विचारों और व्यसनों से मुक्त करने का संकल्प है। इस अवसर पर लगभग 400 बंदी भाइयों की कलाई पर परमात्मा का रक्षा सूत्र बांधा गया। सभी बंदी भाइयों को नशामुक्त जीवन जीने की प्रतिज्ञा भी कराई गई। कार्यक्रम में जिला जेल अधीक्षक डी.के. सारस एवं जेलर मनोज चौरसिया उपस्थित रहे। ब्रह्माकुमारीज की ओर से अधीक्षक डीके. सारस को रक्षा सूत्र के साथ ईश्वरीय सौगात भेंट की गई एवं अधीक्षक डी के सारस ने संस्था का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में संस्था की ओर से सुनील तीर्थानी, गोपाल राठौर, रघुनाथ भाई, गणेश भाई, गंगाराम भाई, आरती मालवीय एवं गोकुल थिटे उपस्थित रहे।
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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