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शासकीय कन्‍या महाविद्यालय, इटारसी में गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ


 शासकीय कन्‍या महाविद्यालय, इटारसी में गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ

इटारसी।  शासकीय कन्या महाविद्यालय, इटारसी में सिख धर्म के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ एवं भारतीय ज्ञान परम्परा के अंतर्गत किया गया। यह दिवस गुरु जी के धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान की याद में मनाया जाता है, जिन्हें 'हिंद की चादर' भी कहा जाता है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य, मुख्य वक्ता एवं आई.क्यू .ए.सी. समन्वयक डॉ. हरप्रीत रंधावा और सभी प्राध्यापकों द्वारा गुरु तेग बहादुर जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. आर. एस. मेहरा ने कहा कि विश्व इतिहास में धर्म एवं मानवीय मूल्यों, आदर्शों एवं सिद्धांतों की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वाले गुरु तेग बहादुर का स्थान मत्वपूर्ण है। मुख्य वक्ता डॉ. हरप्रीत रंधावा ने गुरु जी के जीवन, उनकी शिक्षाओं और संघर्ष पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे 1675 में मुगल बादशाह औरंगजेब के आदेश पर उन्हें इस्लाम धर्म स्वीकार न करने के कारण दिल्ली के चांदनी चौक में शहीद कर दिया गया था। श्री रविन्द्र चौरसिया ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने संपूर्ण मानव जाति के लिए कार्य किया यही शिक्षा हमें उनके जीवन से मिलती है। डॉ. संजय आर्य ने बताया की गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाओं और बलिदान से हमें सबक लेने की जरूरत है। उनका बलिदान, सत्य, अहिंसा में विश्वास और सबके प्रति एक परोपकारी दृष्टिकोण के लिए प्रेरणादायी है। अंत में गुरु तेग बहादुर जी के जीवनवृत्त पर आधारित फिल्म छात्राओं को दिखाई गई। इस अवसर पर सभी प्राध्यापकगण एवं छात्रायें उपस्थित थी।

प्राचार्य

डॉ. आर. एस. मेहरा

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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