मणिलाल श्रीमाली की किताबें "मम्मानो ताहुको" और "याद सतावे माने" 'मिलन' का विमोचन हुआ
गांधीनगर । गुजरात साहित्य अकादमी के सभागार में उपस्थित अध्यक्ष डॉ. भयेश जहा, महामात्रश्री जयेंद्रसिंहजी जादव और लेखक श्री यशवंत मेहता का प्रेरक भाषण गुजराती साहित्य के प्रसिद्ध रचनाकार श्री मणिलाल श्रीमाली 'मिलन' की दो पुस्तकों "मम्मणो ताहुको" और "याद सतावे माने" का गुजरात साहित्य अकादमी के सभागार में विमोचन हुआ। इस अवसर पर अध्यक्ष डॉ. भयेश जहा, महामात्रश्री जयेंद्रसिंहजी जादव और लेखक श्री यशवंत मेहता ने लेखक को बधाई दी और कहा कि आज भी बच्चों के बीच गुजराती में लिखे गए साहित्य का स्थान और आकर्षण विशेष बना हुआ है। श्री मणिलाल श्रीमाली एक सच्चे रचनाकार के रूप में जाने जाते हैं। अपनी प्रतिक्रिया में श्री मणिलाल श्रीमाली ने इस पुस्तक के विमोचन के लिए साहित्य अकादमी के अध्यक्ष और महामात्र, दोनों के साथ-साथ लेखक यशवंत मेहता का आभार व्यक्त किया। इस पुस्तक में 43 बच्चों के गीत हैं जिनका ज्ञान के साथ-साथ आनंद लिया जा सकता है, जो पढ़ने में सुखद और उपयोगी होंगे, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया। किताब "माम्मिनो ताहुको" में मैंने कविताओं के कलेक्शन "याद सातव माने" में कविताओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ पेश करने की कोशिश की है। इस कलेक्शन में अलग-अलग लेटर और इश्यू में छपी कविताएँ शामिल हैं। उन्होंने अपने परिवार, रीडर्स और सपोर्टिव दोस्तों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि यह मैच्योर लिटरेचर की कविताओं का कलेक्शन है। इस मौके पर मिसेज श्रद्धाबेन त्रिवेदी, मिसेज गिरिमा घरेखान, डॉ. केशुभाई देसाई, श्री निसर्ग अहीर, श्री भानुभाई दवे, श्री नटूभाई परमार, अशोक रिंदानी, पी. बी. श्रीमाली, किरीट श्रीमाली, यशराज बेनिगर, भीखूभाई कवि, किरीट पंड्या और कई दूसरे राइटर और शौकीन लोग मौजूद थे। इसके साथ ही किरीट गोस्वामी, भानुभाई पंड्या, गिरिमा घरेखान, निधि मेहता की किताबों का भी विमोचन किया गया। खंभोलज साहित्य सेवा संस्था के नेशनल प्रेसिडेंट डॉ. शैलेश वानिया 'शैल' ने उन्हें दिल से बधाई दी।

