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काव्य : ग़ज़ल - हमीद कानपुरी ,कानपुर


 काव्य : 

ग़ज़ल


तब सफ़र  लम्बा हुआ

जब  नया   रस्ता  चुना


ज़र  ख़ुदा ने जब दिया

कर किसीका तो भला


तन बदन  खस्ता हुआ

भूल जा  अब  दबदबा


देखता    सपना   बड़ा

है फटी जिस की कबा 


वो  न  हरगिज़ भूलता

ज़ुल्म  जिसने  है सहा


भेदना  है   गर   हदफ़

तीर    जैसा   सनसना


बीच  में   छोड़ा  मकां

रह गया फिर अधबना


 - हमीद कानपुरी 

अब्दुल हमीद इदरीसी 

मीरपुर कैन्ट कानपुर -208004

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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