इतिहास में पहली बार 108 स्वर्ण कलशों से किया वासुपूज्य भगवान का महास्तिकाभिषेक
वर्ष-2025 में किये पुण्य कार्यों का आभार जताते हुए गलतियों से सीख लेकर करें वर्ष - 2026 का स्वागत- मुनि सुव्रत सागर।
श्री जी के कलशाभिषेक से किया नववर्ष - 2026 का शुभारम्भ।
तालबेहट (ललितपुर) बुंदेलखंड के प्रसिद्ध दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र पावागिरि सहित कस्बे के दोनों जैन मंदिरों में श्री जी के कलशाभिषेक से नव वर्ष - 2026 का शुभारम्भ किया। कसबे के पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में भगवान आदिनाथ स्वामी एवं मुनिसुव्रतनाथ स्वामी का मस्तिकाभिषेक किया। वहीं वासुपूज्य दिगम्बर जैन मंदिर में इतिहास में पहली बार 108 स्वर्ण कलशों से मूलनायक भगवान वासुपूज्य स्वामी का महास्तिकाभिषेक एवं मुनिसुव्रतनाथ स्वामी का कलशाभिषेक किया। जिसमें महेंद्र जैन, सुशील मोदी, हितेंद्र पवैया, कैलाशचंद्र ललित जैन, कपिल मोदी, राकेश सतभैया, विकास पवा, जितेंद्र बड़ौरा, स्वतंत्र जैन, मनीष कड़ेसरा सहित सकल दिगम्बर जैन समाज का सक्रिय सहयोग रहा। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सिद्ध क्षेत्र पावागिरि पहुँचकर वात्सल्य मूर्ति बुंदेली संत मुनि सुव्रत सागर महाराज के मंगलमय सानिध्य में अभिषेक शांतिधारा एवं पूजन - विधान का आयोजन किया। इस मौके पर मुनि श्री के मुखारविन्द से मंत्रोच्चार के मध्य पवा जी भक्त परिवार बाड़ी ने चमत्कारी बाबा मूलनायक पारसनाथ स्वामी की शांतिधारा का आयोजन किया। मूलनायक के साथ भगवान आदिनाथ स्वामी, चंद्र प्रभ स्वामी, शान्तिनाथ स्वामी एवं महावीर स्वामी के मस्तिकाभिषेक एवं शांतिधारा में श्रद्धालुओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। मुनि सुव्रत सागर महाराज ने धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए कहा वर्ष-2025 में किये पुण्य कार्यों का आभार जताते हुए गलतियों से सीख लेकर वर्ष - 2026 का स्वागत करें। धार्मिक अनुष्ठानों की मानव जीवन में बड़ी महत्ता है। सत्य-अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए श्रावकों को संयम को अंगीकार करना चाहिए। तप और त्याग के द्वारा ही मानव जीवन कल्याण संभव है। रात्रि में महाआरती एवं भक्तामर पाठ का आयोजन किया गया। इस मौके पर अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद जैन, मंत्री जयकुमार जैन, उपाध्यक्ष विशाल जैन पवा, चौधरी सुमत प्रकाश, प्रकाश चंद परिधान, विजय कुमार, आनंद जैन, प्रदीप कुमार, सोनल जैन, अंकित जैन, विशाल चौधरी, राहुल जैन, अमित कुमार, अचिन जैन, गौरव विरधा सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। संचालन ज्ञानचंद जैन बबीना एवं आभार व्यक्त विशाल जैन पवा ने किया।
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