माँ क्षिप्रा के तट पर होगा सिंधी लोक साहित्य कार्यशाला का आयोजन, तीन दिवसीय वर्कशाप में प्रदेश भर के सिंधी भाषा में रूचि रखने वाले होगें शामिल
खंडवा। सिंधी साहित्य अकादमी मध्य प्रदेश भोपाल द्वारा पवित्र माँ क्षिप्रा के तट स्थित महाकाल की नगरी उज्जैन में तीन दिवसीय सिंधी लोक साहित्य कार्यशाला का आयोजन आज शुक्रवार 2 से रविवार 4 जनवरी तक नियर सीएचएल हास्पिटल, महाकाल हरि फाटक, रिंग रोड, नानाखेडा़ स्थित होटल पार्क पैलेस में किया गया है। यह जानकारी देते हुए नगर के वरिष्ठ सिंधी/हिंदी साहित्यकार एवं राष्ट्रीय सिंधी समाज प्रदेश प्रवक्ता निर्मल मंगवानी ने बताया कि इस सिंधी लोक साहित्य कार्यशाला में वरिष्ठ साहित्यकारों के साथ प्रदेशभर के अनेक शहरों के सिंधी भाषा में रूचि रखने वाले लेखक शामिल होकर समाजजनों में सिंधी भाषा, सिंधी साहित्य एवं सिंधु संस्कृति की अलख जगाने का प्रयास करेंगे। अकादमी के निदेशक राजेश कुमार वाधवानी ने कहा कि इस सिंधी लोक साहित्य कार्यशाला में सिंधी समाज की लोक परम्पराएं, लोक वार्ता, सामाजिक परिधान, सिंधी संस्कृति और साहित्य का अन्य संस्कृति से वास्ता, कच्छ एवं मारवाड़ के विशेष संदर्भ आदि विषयों पर गहन अध्ययन होगा। इस मौके पर अनेक शहरों से सिंधी भाषा लेखन में रुचि रखने वाले सहभागी लेखक संजय वर्मा, नमोश तलरेजा, अशोक जामनानी, भगवान बाबाणी, सुरेश पारवानी, कुमार किशन, निर्मल मंगवानी, हर्षा मूलचंदानी, जया बेलानी, महेश मूलचंदानी, सुरेंद्र लच्छवाणी, भानू ठाकुरानी, कमला गोकलानी, नादिया मसन्द, रश्मि रामाणी, निर्मला राजानी, सागर उदासी, सिंगर अजय मुकेश आदि अनेक सिंधी साहित्य सर्जन शामिल होकर सिंधी भाषा एवं सिंधी साहित्य क्षेत्र में एक इतिहास रचने का प्रयास करेंगे।
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