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नर्मदा परिक्रमा से वापस आये भक्तजनों का वृंदावन वाटिका में ढोल धमाका से तथा पुष्प वर्षा से हुआ स्वागत


 

नर्मदा परिक्रमा से वापस आये भक्तजनों का ढोल धमाका से तथा पुष्प वर्षा से हुआ स्वागत

मां नर्मदा साक्षात वैराग्य तथा ध्यान की अधिष्ठात्री- आचार्य पंडित महेश त्रिपाठी

सागर । सागर जिला से दो बसों से प्रारंभ नर्मदा परिक्रमा यात्रा के श्रद्धालुओं को पीली झंडी दिखाकर पुष्प मालाओं से स्वागत जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत एवं परिजनों ने किया, नर्मदा परिक्रमा यात्रा का निर्देशन पंडित सनत कुमार खमरिया, पंडित हरेंद्र नायक, पंडित दीपेश गौतम, पंडित आशीष चतुर्वेदी ने किया। यात्रा में सहभागिता कर रहे धर्माचार्य पंडित महेश दत्त त्रिपाठी ने बताया कि रहस्य और रोमांच से भारी यह यात्रा बहुत महत्वपूर्ण है शास्त्रों में इस नदी पर एक पृथक सेवा खंड विस्तार से है सनातन हिंदू धर्म परंपरा में परिक्रमा के इस प्रशिक्षण का बहुत महत्व है जिसने भी नर्मदा जी या गंगा जी की परिक्रमा पूर्ण कर ली उसका मानव जीवन लेना सफल होता है। अखिल भारतीय साहित्य सृजन मंच के अध्यक्ष पंडित महेश दत्त त्रिपाठी ने यात्रा से वापसी कर पत्रकारों को अनुभव बताया कि यात्रा से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन होता है पैदल परिक्रमा 3 वर्ष तीन माह 13 दिन में परंतु बस मार्ग से यह यात्रा सुगम प्रतीत हुई त्रिपाठी बताते हैं कि नर्मदा जी साक्षात वैराग्य की अधिष्ठात्री है सारा विश्व इनकी निर्मलता, ओजस्विता व मांगलिक भाव से श्रद्धापूर्वक पूजन करता है यह नदी संसार की पहली ऐसी नदी है जो अन्य नदियों की अपेक्षा विपरीत दिशा में बहती है त्रिपाठी बताते हैं हम सब अपने पड़ाव में प्रतिदिन नर्मदा स्नान कर जल ग्रहण करते हुए आश्रम, धर्मशाला, मंदिर परिसर में प्रवास कर भोजन प्रसादी बनाकर प्रेम सहित सहिष्णुता से एक साथ पंगत में बैठकर भजन नर्मदा स्तुति करते आगे बढ़ते रहे। परिक्रमा ओंकारेश्वर से प्रारंभ संकल्प कर दक्षिण तट की प्रतीक्षा उत्तर तट की प्रतीक्षा नर्मदा तट के साथ पूजन अर्चन कर हुई ओखा तक समुद्र बंदरगाह से समुद्री जहाज से सफर रोमांचक रहा। करीब 6 घंटे समुद्र में यात्रा कर सभी श्रद्धालुओं को भावपूर्ण स्नेह करवाया गया मां नर्मदा का जल अमरकंटक में माई की बगिया में 2000 से अभिषेक कर फिर ओंकारेश्वर में भगवान भूतनाथ महादेव को अर्पित किया। द्वारिका भेंट, द्वारिका सोमनाथ नागेश्वर दारुकबन, जबलपुर सरस्वती घाट सस्ता घाट महेश्वर जैसे अनेक स्थलों में दर्शन लाभ किए।द्वारिका गुजरात में भारत सेवा आश्रम संघ के अध्यक्ष श्यामानंद स्वामी जी ने सागर के सभी परिक्रमा कर रहे पंडितों का डायरी पेन घड़ी देकर भरपूर सम्मान किया। सागर के प्रसिद्ध साहित्य सृजन मंच के आचार्य पंडित महेश त्रिपाठी का उनके मौलिक काव्य ग्रंथ सोंधी माटी को पढ़कर प्रसन्नता करते हुए विशेष सम्मान किया। यात्रा वापसी में सभी पर नर्मदा परिक्रमा परवासियों का स्वागत तथा विशेष सम्मान किया। यात्रा वापसी में सभी धर्म प्रेमी बंधुओ का स्वागत रॉयल पैलेस में वृंदावन वाटिका में राजपूत परिवार के परिजनों ने वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र पाठक, रामेश्वर नामदेव, इंजीनियर ऋग्वेद त्रिपाठी ने  स्तुति नर्मदा आरती उतार कर किया। तत्पश्चात प्रसादी वितरण रूद्र देवेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना कर सामूहिक रूप से हुआ आभार पंडित हरेंद्र नायक, आशीष चतुर्वेदी ने माना।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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