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काव्य : ऋतुराज बसंत -इंजी. अरुण कुमार जैन,फरीदाबाद



काव्य : 

ऋतुराज बसंत पर्व पर,

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मधु चंद्र दिग्दिगंत..

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इंजी. अरुण कुमार जैन 

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महके देह चन्दन सी,

पुष्प, अधरों पर अनंत, मदिरा छलकायें नयन,

लो अब आया बसंत |लो अब...

कोयल कंठ आन बसी,

बौराया अंग-अंग,

कपोलों पर अरुणिमा,

लो अब आया बसंत |लो अब आया..

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रति जैसा रोम -रोम,

अलकों में हैं मिलिंद,

नूपरों में सप्त स्वर,

लो अब आया बसंत|

लो अब आया..


देह पूनम निशा सी,

झरनों सा मृदुल कंठ,

अपलक निहारुं बस,

लो अब आया बसंत |

लो अब...

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दहकी देह गुलमोहर,

छुआ, बज उठे मृदंग,

बोझिल, मदमाते नयन,

लो अब आया बसंत |

लो अब...

अधर मिले अधरों से,

मधु चंद्र दिग्दिगंत,

शांति, तृप्ति, चैन मिला,

लो अब आया बसंत |

लो अब आया....

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संपर्क//अमृता हॉस्पिटल, सेक्टर 88, फ़रीदाबाद, हरियाणा.

मो. 7999469175

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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