उपमेंद्र सक्सेना 'साहित्य -गगन' सम्मान से किए गए विभूषित
बरेली। साहित्य सुरभि संस्था के तत्वावधान में फतेहगंज, लोधी चौराहा स्थित सनराइज चिल्ड्रेन एकेडमी में वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार गणेश पथिक ने अपनी माता स्वर्गीया श्रीमती शीला देवी जी एवं पिता स्वर्गीय श्री राम सिंह गंगवार जी की पुण्य स्मृति में सरस काव्य गोष्ठी एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया जिसके मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. महेश 'मधुकर' रहे तो वहीं विशिष्ट अतिथि साहित्यकार सुरेश ठाकुर रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार रणधीर प्रसाद गौड़ 'धीर' ने की।
इस अवसर पर साहित्यिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए गीतकार उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट को साहित्य गगन सम्मान से विभूषित किया गया सम्मान स्वरूप शॉल, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह कार्यक्रम संयोजक गणेश पथिक, संस्थाध्यक्ष राम कुमार कोली एवं महामंत्री डॉ. राजेश शर्मा ककरेली ने प्रदान किया।
काव्य गोष्ठी में कवियों ने अपने सरस काव्य पाठ से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।
गीतकार उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट ने अपना गीत इस प्रकार प्रस्तुत किया-
मानवता में विष मत घोल।
लाल बिहारी सॉरी बोल।।
कार्यक्रम के संयोजक कवि पत्रकार गणेश 'पथिक' ने अपने एक चर्चित गीत और इस ग़ज़ल से सब की सराहना प्राप्त की-
किस तरह शिकारी के जाल से बचें पंछी
पाल रखे हैं षड्यंत्र आजकल बसेरों ने
ऐ 'पथिक' अंधेरों की सल्तनत मिटा देंगे
दिल में अपने ठानी है सुरमई सबेरों ने।
कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष राम कुमार कोली, महामंत्री डॉ राजेश शर्मा ककरेली, दीपक मुखर्जी दीप, राम कुमार अफरोज, रामधनी निर्मल, राम प्रकाश सिंह ओज, मनोज दीक्षित टिंकू, प्रताप मौर्य मृदुल,राजकुमार अग्रवाल 'राज', डी.पी.शर्मा.निराला, मिलन कुमार, धर्मराज यादव, कुलदीप गंगवार, हरीश गंगवार, भरत गंगवार, राहुल श्रीमाली, संजीव गंगवार, सचिन पंडित, धनंजय गंगवार आदि उपस्थित रहे। संचालन राज शुक्ल 'गजलराज' ने किया।
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