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विनय भारती महात्मा गांधी के समकालीन थे उनके गीत हिंदी साहित्य की धरोहर है


 

विनय भारती महात्मा गांधी के समकालीन थे उनके गीत हिंदी साहित्य की धरोहर है 

इटारसी । श्रीमती शांति देवी महादेव पगार स्मृति समिति के द्वारा मध्य प्रदेश के ख्यात हिंदी साहित्यकार स्वर्गीय विनय भारती की पुस्तक का प्रकाशन उनकी मृत्यु के 86 वर्ष बाद किया गया है ।विनय भारती महात्मा गांधी के समकालीन थे। तथा देश के राजनेताओं एवं वरिष्ठ साहित्यकारों से उनका जीवन संपर्क था। यह बात जयस्थम्भ चौक पर आयोजित विमोचन समारोह के अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चोरे द्वारा कही गई ।इटारसी को स्व.विनय भारती ने अपनी कर्मभूमि बनाया एवं लंबे समय तक वे शिक्षक के रूप में कार्य करते रहे ।महात्मा गांधी से उनका जीवन संपर्क था एवं निरंतर पत्राचार करते थे। देश के प्रमुख साहित्यकार भी उनके संपर्क में थे । स्वर्गीय विनय भारती का जन्म नर्मदा पुरम जिले के ग्राम झालसिर गोंड़ गाँव में हुआ था। 1907 में वे स्वर्गीय गुलाब भारती के यहां पैदा हुए और 1940 में उनकी मृत्यु हो गई ।उनकी गीत नामक एक पुस्तक 1948 में मध्य भारत एवं महाकौशल हिंदी साहित्य सम्मेलन के द्वारा प्रकाशित की गई थी। जिसकी भूमिका स्वर्गीय माखनलाल चतुर्वेदी ने लिखी थी। श्रीमती शांति देवी महादेव पगारे स्मृति समिति द्वारा गीत श्री नाम से कवि की मृत्यु के 86 वर्ष बाद गीतों की पुस्तक प्रकाशित की गई है। जिसमें पुरानी पुस्तक के गीत एवं  अप्रकाशित गीत भी शामिल है। नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं गोस्वामी समाज के सचिव कन्हैया गोस्वामी ने कहा कि शांति देवी महादेव पगारे समिति ने पुण्य का कार्य किया है। हमारे समाज के महान कवि की पुस्तक का प्रकाशन कर पुस्तक सभी को उपलब्ध कराई है। नगर भाजपा मंडल अध्यक्ष राहुल चौरे ने कहा कि स्वर्गीय विनय भारती  पूरे जिले की साहित्यिक जगत की पहचान थे ।इतने वर्षों बाद उनकी पुस्तक का प्रकाशन उनके द्वारा लिखे गए गीत निश्चित ही युवा पीढ़ी को हिंदी साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। स्वागत उद्बोधन समिति के अध्यक्ष प्रमोद पगारे ने दिया ।इस अवसर पर स्वर्गीय विनय भारती के पुत्र गण राजेंद्र भारती सीहोर एवं धर्मेंद्र भारती एडवोकेट भेरूंदा से सह परिवार पधारे थे। गीत श्री के विमोचन समारोह के अवसर पर जयकिशोर चौधरी, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी बीके पटेल मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन भूपेंद्र विश्वकर्मा ने किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वर्गीय विनय भारती के तेल चित्र पर अतिथियों ने पुष्पहार अर्पित किये एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम को प्रारंभ किया था। आभार प्रदर्शन समिति के सदस्य विनीत चौकसे  द्वारा किया गया ।इस अवसर पर सुरेंद्र राजपूत, सुनील दुबे शिक्षक, घनश्याम तिवारी, अमित सेठ दरबार, मनोहर तिवारी सहित बड़ी संख्या में स्नेही जन उपस्थित थे।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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