स्वामी विवेकानंद युवा दिवस पर शासकीय कन्या महाविद्यालय इटारसी में प्रेरक व्याख्यान आयोजित
इटारसी । शासकीय कन्या महाविद्यालय, इटारसी की योजना इकाई एवं गीता परिवार के संयुक्त तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद जयंती युवा दिवस के अवसर पर योद्धा संन्यासी स्वामी विवेकानंद विषय पर प्रेरक व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रनिर्माण, आत्मबल और चरित्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश गीता परिवार के अध्यक्ष श्री कैलाश सोनी रहे। विशेष अतिथि के रूप में गीता परिवार के कार्यकारिणी सदस्य श्री चंद्रशेखर एवं श्री प्रवीण तिवारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर स्लाइड शो के माध्यम से स्वामी विवेकानंद जी के जीवन-वृत्त, उनके संघर्ष, विचारों एवं युवाओं के प्रति उनके संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। साथ ही स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान किरण चोरे, द्वितीय स्थान साक्षी, ललिता, मुस्कान चोरे एवं तृतीय स्थान करिश्मा मौर्य ने प्राप्त किया। गीता परिवार के द्वारा विजेता छात्राओं को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि श्री कैलाश सोनी ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक संत नहीं, बल्कि युवाओं के लिए ऊर्जा, आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक हैं। गीता के कर्मयोग को जीवन में उतारकर ही युवा सशक्त भारत का निर्माण कर सकते हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. एस. मेहरा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए पथप्रदर्शक हैं। ऐसे आयोजन छात्राओं में नैतिक मूल्यों, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं। कार्यक्रम संयोजक डॉ. शिरीष परसाई ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन हमें यह सिखाता है कि आत्मविश्वास, कर्म और सेवा के माध्यम से ही व्यक्ति समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी बन सकता है। युवाओं को उनके विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी नीतू अहिरवार ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से युवाओं में सेवा भावना एवं सामाजिक चेतना विकसित करना ही इस आयोजन का मूल उद्देश्य है।कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण के संकल्प एवं स्वामी विवेकानंद के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के संदेश के साथ किया गया। युवाओं को उनके विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण के संकल्प एवं स्वामी विवेकानंद के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के संदेश के साथ किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं बहुत अधिक संख्या में छात्राएं उपस्थित थी।
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