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इटारसी पेयजल सुरक्षा पर गंभीर सवाल — अधिवक्ता सिद्धार्थ महेश आर्या ने उठाया Article 21 का मुद्दा, PIL की तैयारी


 

इटारसी पेयजल सुरक्षा पर गंभीर सवाल: अधिवक्ता सिद्धार्थ महेश आर्या ने उठाया Article 21 का मुद्दा, PIL की तैयारी

इटारसी । इटारसी शहर में पेयजल पाइपलाइन व्यवस्था को लेकर गंभीर जनस्वास्थ्य खतरा सामने आया है। शहर के कई क्षेत्रों, विशेष रूप से सराफा बाजार, सूरज गंज, मुख्य बाजार, आज़ाद नगर एवं घनी आबादी वाले इलाकों में पेयजल पाइपलाइन नालों के अंदर या उनके अत्यंत निकट से गुजरती हुई पाई गई है। इस मामले को लेकर सिद्धार्थ आर्या वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी (SDM) को फोटो साक्ष्य, लोकेशन प्रमाण एवं ग्राउंड निरीक्षण रिपोर्ट सहित ज्ञापन सौंपा गया है। प्राथमिक निरीक्षण के अनुसार कई स्थानों पर पाइपलाइन सीधे नालों के संपर्क में पाई गई है, जिससे हजारों नागरिकों के स्वास्थ्य पर संभावित खतरा उत्पन्न हो सकता है।

इस विषय पर मानवाधिकार विशेषज्ञ एवं अधिवक्ता सिद्धार्थ महेश आर्या ने इसे शहर के लिए “साइलेंट हेल्थ इमरजेंसी” बताया है। उन्होंने कहा कि यदि पेयजल पाइपलाइन नालों या सीवेज के संपर्क में रहती है, तो लीकेज, जॉइंट फेल या पानी का प्रेशर कम होने की स्थिति में गंदा पानी, बैक्टीरिया, केमिकल एवं अन्य प्रदूषक सीधे पीने के पानी में मिल सकते हैं। इससे डायरिया, टायफाइड, पीलिया, गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसी जलजनित बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ सकता है। स्थानीय नागरिकों में भी इस स्थिति को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है, विशेष रूप से बच्चों एवं बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर।

अधिवक्ता सिद्धार्थ महेश आर्या ने कहा कि यह मामला केवल तकनीकी या नगर पालिका व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह सीधे-सीधे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 21 प्रत्येक नागरिक को जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार देता है, जिसकी व्याख्या सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर विस्तारित की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने Subhash Kumar बनाम State of Bihar मामले में स्पष्ट किया है कि स्वच्छ पानी और प्रदूषण मुक्त वातावरण में जीने का अधिकार जीवन के अधिकार का अभिन्न हिस्सा है।

उन्होंने यह भी कहा कि CPHEEO गाइडलाइन, BIS पेयजल मानक (IS 10500) एवं पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग मानकों के अनुसार पेयजल पाइपलाइन को सीवेज लाइन या नालों से सुरक्षित दूरी पर रखना अनिवार्य है। इसके बावजूद यदि ऐसी स्थिति बनी हुई है, तो यह गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।

अधिवक्ता सिद्धार्थ महेश आर्या ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे शहर में तत्काल तकनीकी सर्वे कराया जाए, नालों से गुजर रही सभी पेयजल पाइपलाइनों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, जल गुणवत्ता परीक्षण कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने कहा कि यदि 15 से 30 दिनों के भीतर प्रभावी सुधारात्मक कार्रवाई प्रारंभ नहीं की गई, तो इस मामले को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक इटारसी शहर की पेयजल पाइपलाइन व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित और मानकों के अनुरूप ठीक नहीं किया जाता, तब तक वे इस मुद्दे को लगातार उठाते रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि यदि प्रशासन द्वारा इस गंभीर जनस्वास्थ्य खतरे पर शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे इस मामले को न्यायालय के समक्ष उठाने के लिए जनहित याचिका (PIL) दायर करने की तैयारी कर रहे हैं।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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