महाशिवरात्रि की रात्रि ब्राह्मडीय ऊर्जा की प्रतीक है : संपूर्ण रात्रि मकर राशि पर चंद्रमा व्याप्त रहेगा
भोपाल । इस वर्ष रविवार की रात्रि सूर्य रश्मि योग, सिद्धि एवं सर्वार्थसिद्धि योग सहित अन्य सुयोगों की छाया
भोपाल ।इस वर्ष महाशिवरात्रि पर विशेष शुभ योग बनने जा रहे हैं ,यह शिवरात्रि विशेष प्रकार के फल प्रदान कर रही है इस व्रत के देवता आदि देव भगवान सदाशिव सहित संपूर्ण परिवार माना जाता है
इस व्रत के पूजन का कर्म काल संपूर्ण रात्रि का होता है जिसमें चार पृहर में। पृथक पृथक हवन।पूजा की जाती है।
ज्योतिष मठ संस्थान भोपाल के प्रमुख ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद गौतम के अनुसार प्रति वर्ष फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को यह व्रत किया जाता है इस दिन निशीथ काल में ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करने से विशेष फल कृपा की प्राप्ति होती है।
महाशिवरात्रि का दिन भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का शुभ अवसर है। महाशिवरात्रि का व्रत पूजन करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख समृद्धि आती है।
पंडित गौतम ने बताया की महाशिवरात्रि की रात्रि पृथ्वी की स्थिति इस प्रकार से होती है कि व्यक्ति के भीतर की ऊर्जा अपने प्राकृतिक रूप से ऊपर की ओर प्रभावित होती है शिवलिंग जो ब्राह्मडीय ऊर्जा का प्रतीक है इस दिन विशेष पूजा और अभिषेक के माध्यम से । भक्तों की ऊर्जा को संतुलित और सशक्त बनाता है ।महाशिवरात्रि का पर्व आत्मशुद्धि और ऊर्जा के जागरण का पर्व है जो जीवन में शिव तत्व को आत्मसात करने का अवसर प्रदान करता है। पंडित गौतम ने बताया कि पौराणिक ग्रंथों के अनुसार महाशिवरात्रि, व्रत, पर्व और त्योहार तीनों श्रेणियां में आता है।
इस वर्ष रविवार की रात्रि में चंद्रमा मकर राशि में सूर्य रश्मि योग बना रहा है जो भक्तों को विशेष शुभ अवसर प्रदान करता है सर्वार्थ सिद्धि योग प्रातः काल से ही विद्यमान रहेगा अन्य सुयोगों की छाया इस वर्ष आपके ध्यान, साधना, पूजा, भक्ति, अभिषेक, हवन एवं मंत्र जाप में विशेष सहयोगी है।
ज्योतिषाचार्य एवं पंचांगकर्ता
पंडित विनोद गौतम
ज्योतिष मठ संस्थान भोपाल
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