सरोकार :
अब तो ट्रंप को नोबल पुरस्कार दे ही देना चाहिए !
- डॉ. चन्दर सोनाने , उज्जैन
अब तो अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को शांति का नोबल पुरस्कार दे ही देना चाहिए ! आप सोच रहे होंगे, ऐसा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या किया, जो उसे शांति का नोबल पुरस्कार दे दिया जाए ! आप सही सोच रहे हैं। उन्होंने कुछ नहीं किया है। किंतु उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध तो शुरू किया है। यूं सीधा-सीधा तो यह युद्ध इजराईल और ईरान के बीच है। किन्तु शुरू से ही अमेरिका ने इजराईल के साथ भाईचारा निभाया है और शुरू से ही वह भी युद्ध में कूद पड़ा है !
इस युद्ध से विश्व में डीजल और पेट्रोल की कीमत बढ़ने लगी है और उसकी उपलब्धता भी कम होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। रसोई गैस की कमी भारत सहित विश्व के अनेक देशों में महसूस की जा रही है। पहले ट्रंप ने टैरिफ युद्ध के जरिए विश्व में अपना आतंक फैलाया था और अब वह युद्ध के माध्यम से विश्व में आतंक फैला रहा है! आतंक में कमी नहीं हुई है, बल्कि और बढ़ोत्तरी ही हुई है।
अमेरिका और ईरान युद्ध 14 मार्च को 15 वें दिन में प्रवेश कर गया है। 28 फरवरी से युद्ध आरंभ हुआ था और फिलहाल इसके थमने के कोई संकेत भी नहीं दिखाई दे रहे। पिछले 24 घंटे में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। हाल ही में अमेरिका ने ईरान के नवनिर्वाचित सर्वोच्च नेता मौज्तबा खामेनेई की सटिक लोकेशन या सही जानकारी देने वाले को 10 मिलियन डॉलर का ईनाम देने की घोषणा की है। अर्थात सही जानकारी देने वाले को 80 से 90 करोड़ रूपए से अधिक के ईनाम देने की घोषणा की गई है। यानी की युद्ध और बढ़ने की संभावना है। युद्ध के कम होने और खत्म होने की संभावना दूर-दूर तक दिखाई नहीं दे रही है।
ऐसी हालत में बचपन में स्कूल का एक प्रसंग याद आ रहा है। क्लास में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्लास टीचर यह करते थे कि क्लास के सबसे बदमाश लड़के को वे क्लास मॉनिटर बना देते थे। इससे क्लास के सब बच्चे उस बदमाश लड़के से डरते थे और क्लास में अनुशासन कायम हो जाता था। बदमाश लड़का भी खुश रहता था और क्लास में शांति कायम रहती थी।
अब ऐसा ही कुछ करने की आवश्यकता है ! विश्व के सबसे बदमाश नेता अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को शांति का नोबल पुरस्कार देकर विश्व रूपी क्लास का मॉनिटर बना देना चाहिए और उसकी दिली तमन्ना पूरी कर देना चाहिए ! शांति का नोबल पुरस्कार मिल जाने से उस पर यह दबाव रहेगा कि उसे विश्व में शांति स्थापित करने के लिए नोबल पुरस्कार मिला है, इसलिए हर हाल में उसे शांति कायम रखनी ही होगी !
और निश्चित मानिए, इजराईल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को ट्रंप रोक देंगे ! यही नहीं पिछले तीन साल से अधिक समय से चल रहे यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध के भी समाप्त होने के आसार इससे बढ़ जायेंगे ! क्योंकि यह हर कोई जानता है कि यूक्रेन को हर तरह से मदद अमेरिका ही दे रहा है। उसी के बूते यूक्रेन रूस जैसी महाशक्ति से पिछले तीन साल से युद्ध में डटा हुआ है।
कैसा लगा आपको मेरा यह सुझाव ? आपको इस बात में जरा भी दम लग रहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को शांति का नोबल पुरस्कार देने से विश्व में शांति कायम हो सकती है, तो उसे जरूर यह पुरस्कार देना चाहिए! शांति का नोबल पुरस्कार देने वाली समिति को इस पर गंभीरता से गौर करना चाहिए ! अभी तक होता यह आया है कि जिसने भी विश्व में शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, उसे शांति का नोबल पुरस्कार दिया जाता रहा है। किन्तु अब इसका उल्टा करने की जरूरत है। यानी उसे नोबल पुरस्कार दिया जाए, जो नोबल पुरस्कार मिलने के बाद विश्व में शांति स्थापित करें। हाँ इसमें यह जरूर किया जाना चाहिए कि शांति का नोबल पुरस्कार दिये जाने के पहले अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप से लिखित में ले लेना चाहिए कि वह शांति का नोबल पुरस्कार मिलने के बाद न केवल इजराईल-अमेरिका और ईरान का युद्ध बल्कि यूक्रेन और रूस के युद्ध को भी बंद करवा देंगे। इससे विश्व में शांति कायम हो जाएगी और शांति के नोबल पुरस्कार की महत्ता भी नई परिभाषा में सिद्ध हो जाएगी !
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