काव्य :
कवि
कवि
क्या एक ही राग गाओगे
किसलिए
किसके लिए गाओगे!
सत्य के लिए?
सत्य जानकर
हम क्या करेंगे ।
कवि आपबीती सुनाओ
सब कुशल है
तुम्हारे यहां
खाना पीना सब ठीक
बच्चों की पढ़ाई लिखाई
सब ठीक
तो इसी पर गाओ
कैसे हैं यह ठीक।
शीर्ष शिखर की बात
क्या तुम जानते हो
कैसे?
माध्यमों की खबर
सब जानते हैं
तुम क्या सुनाओगे
कवि क्या एक ही राग
गाओगे।
कल्पना तो हम भी
कर सकते हैं
गाए हुए गान की तान
हम भी भर सकते हैं।
- डॉ सत्येंद्र सिंह
पुणे महाराष्ट्र
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सत्येंद्र सिंह जी, कवि प्रबोधन गीत नहीं गाएगा। अब सोशलमीडिया पर सब कुछ है।
ReplyDeleteनिष्क्रिय होते जीवन का चित्रण किया है। हार्दिक बधाई🎉🎊
लतिका