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काव्य : "दोहे" 'बना मुक्ति का धाम" - वैशाली रस्तौगी जकार्ता,इंडोनेशिया


 

काव्य : 

"दोहे" 

बना मुक्ति का धाम


भक्ति-शक्ति सबकी अलग,अलग-अलग पहचान।

भक्त शिरोमणि एक ही,राम भक्त हनुमान।। 

*

राम नाम आधार है,पवन पुत्र का नाम।

सुमिरन से हनुमान के,बनते सारे काम।।

*

राम लखन कंधे धरे,भार उठाते क्षेम। 

सेवक बन हनुमान ने,पाया अदभुत प्रेम।।

*

विचलन मन का थम गया,लेकर हनु का नाम।

सारा जग सुंदर हुआ,बना मुक्ति का धाम।। 


- वैशाली रस्तौगी

जकार्ता,इंडोनेशिया

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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