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टीईटी परीक्षा के विरोध में मध्य प्रदेश सरकार भी सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करे - शिक्षक कल्याण संगठन


 

टीईटी परीक्षा के विरोध में मध्य प्रदेश सरकार भी सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करे - शिक्षक कल्याण संगठन

इटारसी । शिक्षक कल्याण संगठन जिला नर्मदापुरम के प्रतिनिधि मंडल ने शासकीय शिक्षकों की टीईटी परीक्षा को निरस्त कियेजाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार भी सुप्रीम कोर्ट में  पुनर्विचार याचिका दायर करे का मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन विधायक सीता सरन शर्मा से चर्चा कर सौंपा।

संगठन के जिला कोषाध्यक्ष अखिलेश दुबे ने चर्चा के संदर्भ में बतलाया कि 20 से 25 साल की सेवा अवधि गुजारकर उत्कृष्ट परीक्षा फल देने के उपरांत शिक्षक शिक्षिकाओं की शिक्षकीय योग्यता परीक्षा (टीईटी )लेना उनके साथ सरासर अन्याय है।,

 शिक्षकीय योग्यता  परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत ही मेरिट अंको के आधार पर ही शिक्षक शिक्षिकाओं की नियुक्तियां शिक्षा विभाग की सरकारी शालाओं में होती है अतः फिर से उनकी परीक्षा लेने का क्या औचित्य  है?

 शिक्षकीय योग्यता परीक्षा (टीईटी)परीक्षा के विरोध में तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश केरल कश्मीर त्रिपुरा तेलंगाना मेघालय उत्तराखंड की राज्य सरकारें पुनर्विचार याचिका दायर कर चुकी है तो फिर मध्य प्रदेश सरकार इसमें  क्यों विलंब कर रही है मध्य प्रदेश सरकार को भी सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर ( टीईटी) परीक्षा निरस्त करवाने की पहल करवाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि सन 2009 से पूर्व शासकीय शिक्षक की सेवाओं में आए सभी शिक्षक शिक्षिकाओं को टीईटी की परीक्षा देना अनिवार्य है यदि शिक्षक टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण नहीं करता है तो उसे वेतन वृद्धि,क्रमोन्नती एवं पदोन्नति के लाभ पात्रता नहीं होगी एवं विशेष परिस्थिति में उसे सेवाओं से भी बर्खास्त किया जा सकता है। जिसके चलते शासकीय शिक्षक शिक्षिकाओं में हड़कंप की स्थिति है।

विधायक डॉ शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे माननीय मुख्यमंत्री जी से शीघ्र भेंट कर प्रकरण में उचित कार्यवाही करवा कर प्रदेश के लाखों शिक्षक शिक्षिकाओं को टीईटी परीक्षा के भय से मुक्ति दिलवाने का प्रयास करेंगें। संगठन के प्रतिनिधि मंडलने डॉ शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया।

प्रतिनिधि मंडल में विजय सोनिया,ओपी तिवारी,अखिलेश कुमार दुबे,विवेक साहू, शकुंतला आचार्य,राजकुमार दुबे, रामचरण नामदेव,अशोक मालवी, राजेंद्र दुबे,सुनील दुबे,सुरेंद्र सिंह तोमर, आनंद दीवान, चंद्रकांत शर्मा,ओम प्रकाश पटेल आदि की सहभागिता रही।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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