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काव्य : बेटे को भी समझो - मीना पांडेय , प्रयागराज,


 काव्य : 

बेटे को भी समझो


बेटा वही  अच्छा  जो  संस्कारी  हो...

राम -लक्ष्मण सा आज्ञाकारी  हो...

पर बेटा वही जिसमें  अच्छाई  और सच्चाई हो...

व्यवहार  में  वफ़ादारी  हो...

क्यूँ कि जरूरी  नहीं कि जो माता-पिता ने कही हो...

वो बात आज के ज़माने के हिसाब से सही हो...

कभी-कभी बड़ो से  भी गलतियाँ  हो जाती  हैं...

उनकी समझ पुराने विचारों में खो  जाती  हैं...

ऐसे में  बेटा  यदि बात न मानता  हो...

तो  उसका कोई  दोष  नहीं  हो...

माँ  की ममता का देकर वास्ता उसको...

खुद की  नज़रों  में बेटे  को बदनाम न  करो...


-मीना पांडेय , प्रयागराज, उत्तर प्रदेश 



देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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