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आज के लिए - किरण मोर , कटनी


 

आज के लिए

   संकल्प या विकल्प-का सीधा संबंध हमारी क्षमता पर आधारित है,यानि की कई विकल्पों में एक को चुनकर उसे करने का संकल्प और फि उस पर "अमल"।

ये सब हमारी क्षमता पर निर्भर करता है और साथ में उस कार्य या वचन को करने में हमारी रुचि भी शामिल तो किसी भी कार्य को पूरा किया सकता है; क्योंकि कहा भी गया है,अगर हम चाहें और ठान लें तो किसी भी मुश्किल से मुश्किल काम को भी अंजाम दिया जा सकता है-यानि कि

मुश्किल है मगर नामुमकिन कुछ भी नहीं

   इसी उक्ति को चरितार्थ करते हुए कार्य का आरंभ लगन और दृढ़ निश्चय से किया जाए तो अवश्य पूर्ण होता है।

    कार्य किसी भी प्रकार का हो सकता है-जीवन में अनेकों परिस्थितियों से हमारा सामना होता है, जिनके वशीभूत होकर हमें कई ऐसे निर्णय लेने पड़ते हैं जो उस वक्त की परिस्थिति के अनुरूप होते हैं,और उस वक्त पर किसी और विकल्प की गुंजाइश नहीं होती है, (ये हमारे जीवन से संबंधित हमारे भविष्य को लेकर या हमारे किसी अपने से संबंधित या उसके जीवन को लेकर,उसके भविष्य को लेकर,या समाज, परिवार से संबंधित किसी बात को लेकर,किसी रिश्ते को लेकर या समाज और देश को लेकर,किसी भी तरह का संकल्प हो सकता है)तो उस समय हम अपनी बुद्धि,विवेक और ज्ञान का सही सदुपयोग कर उस परिस्थिति में समन्वित विकल्प को चुनकर सही मार्ग खोज लेते हैं और उसका ही संकल्प कर आगे बढ़ कर सफलता हासिल कर लेते हैं तो हमारा चुनाव भी सफल माना जाएगा क्योंकि विषय है:-

संकल्प या विकल्प-तो चुनाव कैसे करें

जबकि इस शीर्षक में दोनों एक दूसरे के पूरक जान पड़ते हैं, क्योंकि पहले विकल्पों में से चुनाव फिर उस पर संकल्प कर गतिमान होना,और चयनित विकल्प को संकल्प का रूप में

सार्थकता प्रदान करना-यानि तीनों को ही एक दूसरे का पूरक कहा जा सकता है_बस सही ज्ञान, सही समय और सही विकल्प-इन तीनों की जुगलबंदी किसी भी संकल्प को पूरा कराने में पूर्ण सहयोग प्रदान करती है।

अब बात करें संकल्प की तो संकल्प कोई भी हो सकता है!!

किसी कार्य को करने का,किसी की मदद का,किसी के जीवन का,या अपने ही जीवन में अपने भविष्य का,या फिर अपने जीवन में ऐसे किसी कार्य को करने का,जो जीवन में सद्गति के मार्ग पर पहुंचाता हो और आज के परिवेश की बात करें तो किसी से बदला लेने का भी,किसी को नुक्सान पहुंचाने का,यानि संकल्प का कोई भी रूप हो सकता है-और ये भी हमारी शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और बौद्धिक क्षमता पर निर्भर करता है।इति श्री।

- किरण मोर , कटनी

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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