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काव्य : आओं एक पौधा लगायें - छगनलाल मुथा-सान्डेराव , मुम्बई

 


 

काव्य : 

आओं एक पौधा लगायें


आज हो रहा अहसास पाप का,जो हम इन्सानों ने कर डाले।

काट काट कर पेड़ों को,घने जंगल ही मिटा डाले।


पशु-पक्षी या जीव जन्तु,सब ज़िंदा प्राणवायु से हैं।

अपने स्वार्थ की खातिर,कितने पेड़ ही जला डाले।


सबसे ज्यादा आज जरूरत,जिस ओक्सीजन की भारी है।

अपने स्वार्थ में आकर के हमने, पैरों पर कुल्हाड़ी मारी है।


बाढ सुनामी अकाल बवन्डर,अपने कर्मो का ही फल है।

प्राकृतिक आपदा भुगतना ही होगा,आज नहीं तो कल है।


अभी भी वक्त है सम्हल कर,नई एक राह अपनायें।

मुरझाईं इस धरा पर मुथा,आओ एक पौधा लगायें।


- कवि छगनलाल मुथा-सान्डेराव , मुम्बई

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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