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लघुकथा : कॉल - डॉ अंजना गर्ग (सेवानिवृत) म द वि , रोहतक


 लघुकथा :

  कॉल


राहुल दिनभर मोबाइल पर व्यस्त रहता था।

एक दिन उसकी माँ ने कहा— "बेटा, दादाजी का फोन आया था। उनसे बात कर ले।"

"बाद में बात कर लूँगा।" राहुल ने फोन से नजरें उठाए बिना कहा।

यह "बाद में" कई दिनों तक चलता रहा।

एक शाम दादाजी के नंबर से फोन आया।

पर इस बार आवाज़ किसी और की थी। गाँव वाले चाचा जी बोल रहे थे।

"बेटा... बाबूजी नहीं रहे।"

राहुल की नज़र मोबाइल की स्क्रीन पर टिक गई।

उसने देखा— दादाजी की दस मिस्ड कॉल अब भी वहीं पड़ी थीं।

पहली बार उसे महसूस हुआ कि कुछ कॉल दोबारा नहीं आते।

  -  डॉ अंजना गर्ग (सेवानिवृत)
       म द वि रोहतक
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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