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काव्य : गीतिका - रामकिशोर श्रीवास्तव 'रवि', भोपाल



काव्य : 

!! गीतिका !!
~
मोहब्बत की अदाकारी  ही  कर लें।
निभा किरदार  फ़नकारी ही कर लें।
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सहारा  दे   जिन्होंने  भी   सँभाला,
भले  मन से  वफ़ादारी  ही  कर लें।
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ठगें न,  नहीं  ठगने  दें  किसी  को,
जगत में यह समझदारी ही कर लें।
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प्रभु  की  कृपा  से जो भी है  पाया,
बांँट कुछ अंश दिलदारी ही कर लें।
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न   मांँगें, श्रम   करें   पैसे   कमायें,
मिलेगा   मान  खुद्दारी  ही  कर  लें।
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जहांँ  सच  को  निभाना  कष्टकारी,
वहांँ  मन को भी चिंगारी ही कर लें।
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वतन  हित  एकता की  है  जरूरत,
स्वयं  को राष्ट्रध्वजधारी  ही कर लें।।

  - रामकिशोर श्रीवास्तव 'रवि', भोपाल

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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