व्यंग्य :
हार या जीत
बाबा भारती अपनी कुटिया के सामने चटाई पर बैठे मोबाईल पर सोशल मीडिया में व्यस्त थे। कभी कोई मनभावन संदेश पढ़ कर उनके होठों पर मुस्कान फैल जाती थी तो कभी किसी संदेश से उनकी त्यौरियाँ चढ़ जाती थी। पास ही बंधा उनका प्यारा घोड़ा सुल्तान भी घास और चना खाते हुए बीच-बीच में हिनहिना कर अपनी खुशी और उत्साह प्रकट कर रहा था।
तभी डाकू खड़गसिंह अंधा भिखारी बन कर वहाँ आ पहुँचा। लाठी की ठक ठक ने बाबा का ध्यान अपनी ओर खींचा। उन्होने देखा लाठी उस अंधे भिखारी के हाथ से छिटक कर दूर जा गिरी है। बाबा स्वभाव से ही दयालु और सबकी मदद करने को तत्पर। मोबाइल वहीं चटाई पर रख कर उसकी लकड़ी उठाने लगे, तभी खड़गसिंह ने मौका ताड़ा और लपक कर बाबा का मोबाइल उठाकर भाग खड़ा हुआ।
बाबा जोर-जोर से चिल्लाते हुए उसके पीछे भागे। लगभग चीखते हुए बोले-मेरा मोबाइल मुझे वापस करो। मैं एक बहुत इंट्रेस्टिंग वायरल पोस्ट देख रहा था।
खड़गसिंह बोला- बाबा, अब जो भी हो जाये, यह मोबाइल मैं आपको वापस नहीं दूंगा। मुझे अपने धंधे में मोबाइल की बहुत जरूरत है। अब डाका डालने जाने में बहुत रिस्क हो गई है। तो अब फोन करके फिरौती मांगना ही सुरक्षित है।
बाबा भारती समझ गये कि अब यह मोबाइल वापस करने वाला नहीं है। तो वे बड़े प्रेम से बोले- ठीक है खड़गसिंह, चाहे तुम मुझे मेरा मोबाइल वापस मत करो, लेकिन यह घटना तुम सभी को बताना, ताकि लोग कभी किसी अंधे भिखारी पर भरोसा नहीं करें।
खड़ग सिंह ठहाका लगाते हुए, मोबाइल लेकर वहाँ से चला गया।
बाबा भारती उदास, निराश से आकर धम्म से चटाई पर गिर पड़े। मोबाइल क्या गया जैसे उनकी दुनिया ही लुट गई थी। रो-रोकर बुरा हाल हो गया। आँखें सूज गई। खाना भी नहीं खाया गया। नींद तो जैसे आँखों से कोसों दूर चली गई।
उधर खड़गसिंह मोबाइल पाकर बहुत प्रसन्न था। अब उसने गाँव गाँव जाकर डाका डालना बंद कर दिया। मोबाइल से ही धमकी देकर फिरौती की रकम माँगता। घर बैठे ही अब उसका धंधा खूब अच्छा चलने लगा।
इस घटना की खबर जब क्षेत्र में फैली तो जो सचमुच अंधे भिखारी थे, उनकी परेशानी बढ़ गई। लोगों ने उन पर अविश्वास कर मदद देना बंद कर दिया। मोबाइल चोर कहकर जगह जगह उनकी पिटाई होने लगी और ये खबरें सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड करने लगी। लेकिन बाबा भारती इन सबसे वंचित रहकर अपने मोबाइल के खो जाने का अफसोस करने के साथ साथ नया मोबाइल खरीदने की जुगाड़ करते रहे।
--मनमोहन चौरे ,
भोपाल
9893361341
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