काव्य :
जाते जाते
कह गये वो,आने का
यूं जाते जाते
रह गये "हम" अकेले,
साथ, जाते जाते ।।
आये थे,वो लेकर
प्यार भरा स्पंदन
सिमट गई सारी खुशियां
उनके जाते जाते ।।
लेकर आऐ थे,वो
बहारो का आमंत्रण,
पतझड दे रही है,दस्तक
उनके जाते जाते ।।
सिलसिला सा चल पड़ता है,
मिलकर उनसे,बातो का
विषय ही सिमट जाता है,
उनके जाते जाते ।।
चाहत,प्यार, खुशियाँ
लेकर वो,आते है
रह जाती है, वीरानी
उनके जाते जाते ।।
- देवेन्द्र कुमार थापक भोपाल
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