हिन्दुस्तानी भाषा अकादमी में ‘मैं अभिव्यंजना’ का लोकार्पण एवं सम्मान समारोह सम्पन्न
नई दिल्ली । हिन्दुस्तानी भाषा अकादमी के सौजन्य से वरिष्ठ कवयित्री सुश्री सरोज शर्मा के प्रथम काव्य-संग्रह‘मैं अभिव्यंजना’ का लोकार्पण, परिचर्चा एवं सम्मान समारोह अकादमी के रोहिणी स्थित सभाकक्ष में गरिमापूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सुविख्यात कवयित्री डॉ. कीर्ति काले, अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. लक्ष्मीशंकर बाजपेई, तथा विशिष्ट अतिथि सुश्री ममता किरण, डॉ. आरती लोकेश एवं डॉ. सविता चड्ढा उपस्थित रहीं। सानिध्य हिंदुस्तानी भाषा अकादमी के संस्थापक श्री सुधाकर पाठक जी का रहा।
दीप प्रज्ज्वलन के उपरांत सुषमा भंडारी ने सरस्वती वंदना की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को मंगलमय वातावरण प्रदान किया। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत सम्मान अतिथियों द्वारा पुस्तक का लोकार्पण किया गया तथा सरोज शर्मा का सम्मान भी किया गया। अपने वक्तव्य में सरोज शर्मा ने पुस्तक की रचना-यात्रा, जीवनानुभवों और साहित्यिक प्रेरणाओं को साझा किया।
वक्ताओं ने अपने उद्बोधनों में सरोज शर्मा की संवेदनशील रचनाशीलता, हिन्दी साहित्य के प्रति उनकी दीर्घकालीन प्रतिबद्धता तथा प्रथम काव्य-संग्रह के प्रकाशन को एक महत्वपूर्ण साहित्यिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में पुस्तक का प्रकाशन साहित्य के प्रति गंभीर साधना और समर्पण का परिचायक है तथा अच्छी कविता सदैव अपने पाठकों तक पहुँचकर उन्हें आत्मिक रूप से समृद्ध करती है।
डॉ. भावना शुक्ल ने पूरे समारोह का अत्यंत प्रभावी, सुसंयोजित एवं गरिमामय संचालन करते हुए कार्यक्रम को सुव्यवस्थित गति प्रदान की तथा अपनी सहज, प्रभावपूर्ण एवं साहित्यिक शैली से समारोह को विशेष ऊँचाई प्रदान की। कार्यक्रम के उपरांत कवि श्री विनोद पाराशर के संचालन में भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन भी हुआ।
समारोह में अकादमी की पदाधिकारी सुश्री सुरेखा शर्मा, सुषमा भंडारी, प्रकाश कंवर, विजय शर्मा, राजकुमार श्रेष्ठ, ध्रुव शिवहरे, द्वारिका पांडे, किशोर कुणाल सहित अनेक वरिष्ठ साहित्यकार, कवि एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।
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साहित्यिक समाचार
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