सागर के साहित्यकार एवं समाजसेवी,
गाँधी भवन भोपाल में हुए सम्मानित
सागर। निर्दलीय प्रकाशन भोपाल/दिल्ली का ५३ वां वार्षिकोत्सव सह साहित्योत्सव, श्यामला हिल्स स्थित गांधी-भवन के मुख्य सभागार में ,सुबह योगाभ्यास एवं लोकमंगल कामनार्थ यज्ञ से आरंभ होकर देर रात तक "अंतरराष्ट्रीय कविसम्मेलन" संचालित रहा। जिसमें देश-विदेश के शताधिक साहित्यकार, शिक्षाविद एवं सृजन-धर्मी,समाजसेवी सम्मानित हुए,जिनमें सागर जिला से सुप्रसिद्ध साहित्यकार "संतोष श्रीवास्तव विद्यार्थी (से.नि.एस.डी.एम.) कालरात्रि सुभाष चंद्र बोस,लेखन-संभाषण शिखर सम्मान २०२६,समाज सेवी "मुरली मनोहर शुक्ला",वनपाल (से.नि.)उत्तर वन मण्डल सागर को"राष्ट्रीय सुंदर लाल बहुगुणा पर्यावरण शिखर सम्मान २०२६ एवं साहित्य सर्जक "आचार्य महेश दत्त त्रिपाठी(पूर्व शिक्षाधिकारी,सागर)को विश्व साहित्य सम्मान २०२६ से गांधी वादी चिंतक पी.व्ही.राजगोपाल, पद्मश्री डाॅ.नारायण व्यास,नेपाल से प्रो.विनोद कुमार, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एन.एल.आई.यू)के कुलपति डाॅ.एस.सूर्यग्रहण,उद्योगपति सेठ रामनिवास गुप्ता,गाँधी भवन ट्रस्ट के सचिव अंकित मिश्रा,निर्दलीय के संस्थापक कैलाश "आदमी",दार्जिलिंग की विमला प्रधान एवं सिक्किम के एन.पी.एस.नरोला आदि अतिथियों ने अलंकृत ने अलंकृत कर सागर (बुंदेलखंड) की धरती का मान बढ़ाया।
कार्यक्रम उपरांत भाषा समन्वय विमर्श एवं अंतर्राष्ट्रीय कविसम्मेलन में सागर के ग़ज़लकार बिन्द्रावन राय"सरल",नवगीत कार संतोष श्रीवास्तव विद्यार्थी" एवं आचार्य पं. महेश दत्त त्रिपाठी ,राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय साहित्य सृजन मंच ने अपनी उत्कृष्ट रचनाएं सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही लूटी।
संत माधवानंद स्मृति व्याख्यान माला में राजेश जैन फूल जी बा,डाॅ.पवन जैन,हरियाणा के संत एवं "गुरुकृपा नृत्य कला अकादमी" की निर्देशिका दुर्गा मिश्रा के संयोजन में साँस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बाँधा।
हिंदी भवन न्यास भोपाल के खचाखच भरे सभागार में आयोजित इस प्रतिष्ठा-आयोजन का मंच संचालन क्रमश: रीतेश दुबे,शुभम चौहान,निवेदिता व्यास,कविता मल्होत्रा एवं स्वराजी ने किया।
आगन्तुक अतिथियों का एवं आमंत्रित श्रोताओं का आभार आचार्य विनोबा भावे द्वारा स्थापित आचार्य-कुल के राष्ट्रीय संयोजक, पत्रकार प्रिंस अभिषेक "अज्ञानी" ने व्यक्त किया।
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साहित्यिक समाचार
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