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बरसात के मौसम में रहें सावधान - डॉ स्वाति तिवारी चिकित्सक ,अनंत योग काशी, वाराणसी

 


बरसात के मौसम में रहें सावधान

 - डॉ स्वाति तिवारी
चिकित्सक
अनंत योग काशी, वाराणसी

     बदलते मौसम में वर्षा अपने साथ हरियाली, शीतलता और आनंद लेकर आती है, लेकिन इसी मौसम में अनेक संक्रामक रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है। इनमें डेंगू और मलेरिया प्रमुख हैं। इसलिए वर्षा ऋतु में स्वास्थ्य की विशेष देखभाल करना आवश्यक है।
आयुर्वेद में वर्षा ऋतु को अत्यंत संवेदनशील माना गया है। इस समय शरीर की जठराग्नि (पाचन शक्ति) कमजोर हो जाती है तथा वात दोष का प्रकोप बढ़ता है। यदि इस ऋतु में उचित आहार-विहार का पालन न किया जाए, तो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है और व्यक्ति विभिन्न रोगों की चपेट में आ सकता है। इसलिए आयुर्वेद में "निदान परिवर्जन" (रोग के कारणों से बचाव) को सबसे श्रेष्ठ उपचार माना गया है।

आयुर्वेद के अनुसार बचाव के उपाय

1. उचित आहार (पथ्य आहार):
वर्षा ऋतु में हल्का, ताज़ा, गर्म तथा सुपाच्य भोजन करना चाहिए। मूंग की दाल, पुराना चावल, हरी सब्जियाँ, सूप तथा दलिया लाभदायक माने गए हैं। बासी भोजन, तले-भुने पदार्थ, अधिक ठंडी चीज़ें तथा दूषित भोजन से बचना चाहिए।
2. शुद्ध एवं उबला हुआ जल:
आयुर्वेद के अनुसार वर्षा ऋतु में जल आसानी से दूषित हो सकता है। इसलिए उबालकर या स्वच्छ किया हुआ पानी ही पीना चाहिए। इससे संक्रमण का खतरा कम होता है।

3. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना:
आयुर्वेद में गिलोय, तुलसी, अदरक, हल्दी और आँवला जैसी औषधीय वनस्पतियों को प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला माना गया है। इनका सेवन योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह के अनुसार करना चाहिए।
4. दिनचर्या का पालन:
समय पर सोना-जागना, नियमित योग, प्राणायाम तथा हल्का व्यायाम करना शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक होता है। पर्याप्त नींद लेने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बेहतर बनी रहती है।

वर्षा ऋतु का आनंद तभी लिया जा सकता है जब हम अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखें। आयुर्वेद संतुलित आहार, स्वच्छता, उचित दिनचर्या और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर विशेष बल देता है। इन उपायों को अपनाकर डेंगू, मलेरिया तथा अन्य वर्षाजनित रोगों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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