बरसात में तालाब बनते शहर : जल भराव रोकने के लिए शहरों का सुनियोजित नगर नियोजन और भ्रष्टाचार पर लगाम जरूरी है
पूरा जून निकल गया जनता परेशान थीं, की बरसात नहीं हो रही ।और अब जब जुलाई में बरसात होनी शुरू हुई तो सारे शहर जलमग्न हो गए । थोड़ी बारिश में भी शहरों की गली मोहल्ले में पानी भर गया। और गली की नालियों का पानी कूड़े के साथ लोगों के घरों में, दुकानों में घुसने लगा। ऐसा लगा मानों विकास की लहर हमारे घर तक आ गई है ? लोग घरो में कैद होकर रह गए । बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया। सरकार चाहे एक इंजन की हो या दो इंजन की या तीन इंजन की सभी शहरों में ऐसा ही हाल है । लगता है देश में सुनियोजित नगर नियोजन नाम की कोई चीज नहीं रह गई है । और इसी कारण थोड़ी सी बरसात होते ही सभी शहर जलमग्न हो जाते हैं । और दूसरा मुख्य कारण नगर निकायों का भ्रष्टाचार है । क्योंकि हर साल बरसात से पहले नाले नालियों को साफ करने का अभियान फोटो के साथ अखबारों में चलाया जाता है । परंतु जमीन पर कोई काम नहीं होता । सफाई के नाम पर हर साल सैकड़ों करोड़ों रुपया नगर निगम के कर्मचारी , ठेकेदार, पार्षद, मेयर डकार जाते हैं । इसी भ्रष्टाचार के चलते सड़कों पर अतिक्रमण होता है । सुंयोजित विकास न होने के कारण सड़कों पर जगह-जगह सब्जी और सामानों के ठेले और छोटे-छोटे बाजार खुल जाते हैं । कहीं पर भी ऑटो रिक्शा वाले अपना ऑटो खड़े कर जाम लगा देते हैं । इन्हीं कारणों से पैदल चलने वालों को कोई रास्ता ही नहीं बचता । दुकानदार व्यापारियों ने नाले नालियों पर अतिक्रमण कर रखा है। इस कारण इनकी सफाई नहीं हो पाती और सड़कों पर पानी भर जाता है । ये सब नगर निगम कर्मचारी और पुलिस के लिए नियमित आय का कारण बने हुए हैं । सड़कों पर ना तो फुटओवर ब्रिज है ना ही अंडर ब्रिज है । ना ही कटो पर कवर वाले यू टर्न है । मजबूरन सड़कों पर नागरिकों को गलत दिशा से होकर जाना पड़ता है । जिससे जाम लग जाता है । तिराहों और चौराहों पर लाल बत्ती नहीं है ।और जहां लाल बत्ती है भी तो वह काम नहीं करती । जबकि इस नाम पर भी लाखों रुपए डकार लिए जाते हैं । नगर विकास अधिकारी इन सब समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए शहर का उचित तरह से नियोजन नहीं कर पा रहे हैं । इसीलिए शहर में गंदगी और जाम ही जाम है । सभी जनता का बुरा हाल है । जब तक भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगेगा और सुनियोजित नगर नियोजन नहीं होगा तब तक यह समस्या चलती ही रहेगी ।
- इंजी. कवि अतिवीर जैन 'पराग '
पूर्व उपनिदेशक, रक्षा मंत्रालय
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कंकर खेड़ा, मेरठ केंट-250001
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