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काव्य : जिंदगी - डॉ. कौशल किशोर श्रीवास्तव , छिंदवाड़ा



काव्य : 

जिंदगी

जैसे तैसे कटी जिन्द‌गी, 
कई हिस्सों में बटी जिन्दगी ।

जैसे हो कपड़े गरीब के, 
जगह जगह से फटी जिन्दगी ।

जैसे जैसे बढ़ी उमर तो, 
वैसे वैसे घटी जिन्दगी ।

आसमान तक उड़ना चाहा,
पर पतंग सी कटी जिन्दगी ।

कभी सदर तो कभी ठोकरें ,
ऐसी थी अटपटी जिन्दगी ।

--डॉ. कौशल किशोर श्रीवास्तव
विशु नगर, परासिया मार्ग,
छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश)
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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