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राहु केतु के बीच में फिर से बंधक हो गये ग्रह


राहु केतु के बीच में फिर से बंधक हो गये ग्रह 

भोपाल।  राहु केतु के बीच में फिर से बंधक हो गये ग्रह ।
सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध ,गुरु, शुक्र शनि यह सभी ग्रह राहु केतु के बीच में बंधक हो गए हैं। बंधक योग में आने से इन ग्रहों की ऊर्जाएं कमजोर होगी, धर्म कर्म वैभव ,विलास, मान सम्मान, व्यापार सेवा, न्याय ,मौसम बारिश आदि के कारक ग्रह देवता बंधक बनने से कमजोर ऊर्जा पैदा करेंगे, जिससे उपरोक्त क्षेत्रों में विपरीत प्रभाव देखने को प्राप्त होंगे ज्योतिष मठ संस्थान के ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद गौतम ने बताया कि इसके पूर्व बंधक  योग 24 जून को समाप्त हुआ था। अब एक बार पुनः सभी ग्रहों को राहु केतु अपनी जद में बंधक बना रहा है ।शुक्रवार चंद्रमा के कुंभ राशि में प्रवेश करते ही यह बंधक योग सक्रिय हो गया है वर्तमान समय पर गुरु शुक्र एवं सूर्य बुध की युति भी बनी हुई है वहीं सूर्य के पीछे मंगल और मंगल के पीछे शनि, शनि के पीछे राहु का भृमण काल चल रहा है। यह भी खंड वृष्टि के योग दे रहा है। यह बंधक  योग 18 जुलाई को चंद्रमा के कन्या राशि में प्रवेश होने पर  समाप्त होगा इस दौरान जितने नवजात शिशु जन्म लेंगे उनकी कुंडली में कालसर्प दोष बनेगा। बंधक योग । के प्रभाव से दुनिया में एक बार फिर अशांति हो सकती है जलीय राशि कर्क में गुरु और शुक्र दो गुरुओं का मिलन। विश्व युद्ध को  आमंत्रित कर रहा है यह शांति में षड्यंत्र के संकेत देता है इसके अलावा गुरु के अतिचारी एवं इस वर्ष त्रिराशिगामी होने से अनेक प्रदेशों की सरकारों मैं फेर बदल विस्तार की स्थिति बन सकती है। मौसम की स्थिति में भी परिवर्तन देखने को मिलेगा कहीं-कहीं अत्यधिक वर्षा से हानि की संभावना है कहीं कम बरसात देखने को मिलेगी ।ग्रहों के अवरोध होने पर खंड-खंड दृष्टि के योग बनेंगे। राहु केतु द्वारा यह बंधक  योग सिंह राशि से कुंभ राशि के बीच हो रहा है जिसमें जलीय राशि भी बंधक होगी, व्यापारिक राशि भी बंधक होगी, फिल्म मनोरंजन की राशि भी बंधक होगी, धर्म कर्म एवं न्याय की राशि भी बंधक बन गई है अतः उपरोक्त सभी विषयों में यह बाधा उत्पन्न करने वाला बंधक योग है। इसके प्रभाव बस मध्य प्रदेश राजस्थान एवं दिल्ली की राजनीति में हलचल दिखाई देगी।
 
 - पंडित विनोद गौतम 
ज्योतिष मठ संस्थान 
भोपाल 9827 322068
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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