राष्ट्रीय कार्यबल (एनटीएफ) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शासकीय कन्या महाविद्यालय सिवनी मालवा में मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
सिवनी मालवा । उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार 01 से 03 जुलाई 2026 तक आयोजित प्रवेश उत्सव के तृतीय दिवस शासकीय कन्या महाविद्यालय, सिवनी मालवा में नवप्रवेशित छात्राओं के लिए मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित राष्ट्रीय कार्यबल (एनटीएफ) की अनुशंसाओं एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी प्राचार्य एवं प्रवेश प्रभारी प्रो. धीरेन्द्र दुबे ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य प्रत्येक विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास का आधार है। छात्राओं को सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, अनुशासित दिनचर्या एवं संतुलित जीवनशैली अपनानी चाहिए तथा किसी भी प्रकार की मानसिक, शैक्षणिक अथवा व्यक्तिगत समस्या होने पर उसे छिपाने के बजाय अपने शिक्षकों, अभिभावकों एवं महाविद्यालय की परामर्श व्यवस्था से निःसंकोच सहयोग लेना चाहिए। उन्होंने नवप्रवेशित छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालय केवल उच्च शिक्षा प्राप्त करने का स्थान ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं जीवन कौशल के निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र है। छात्राओं को नियमित अध्ययन, समय का सदुपयोग, सकारात्मक दृष्टिकोण तथा महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करनी चाहिए।
कार्यक्रम के विशेषज्ञ वक्ता श्री ईश्वर बिश्नोई, परामर्शदाता, उमंग स्वास्थ्य केंद्र, सिविल हॉस्पिटल, सिवनी मालवा ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने तनाव, चिंता, अवसाद एवं भावनात्मक दबाव के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान, समय पर परामर्श लेने की आवश्यकता तथा मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया। उन्होंने छात्राओं को योग, ध्यान, नियमित व्यायाम, समय प्रबंधन, पर्याप्त विश्राम एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने की सलाह देते हुए बताया कि आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सक अथवा प्रशिक्षित परामर्शदाता से सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।
इस अवसर पर डॉ. रजनीकांत वर्मा ने राष्ट्रीय कार्यबल (एनटीएफ) द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव प्रबंधन, समय प्रबंधन, ध्यान, योग एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने महाविद्यालय में संचालित मेंटर-मेंटी प्रणाली, एंटी रैगिंग समिति, शिकायत निवारण प्रकोष्ठ, आंतरिक शिकायत समिति एवं परामर्श व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान में रैगिंग एवं किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के प्रति शून्य सहिष्णुता नीति अपनाई गई है। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर टेली-मानस, महिला हेल्पलाइन एवं अन्य सहायता सेवाओं का उपयोग करने की जानकारी भी छात्राओं को दी।
डॉ. नीरज विश्वकर्मा ने छात्राओं को सकारात्मक संवाद, आत्मविश्वास एवं भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने नियमित अध्ययन, पुनरावृत्ति, डिजिटल एवं सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग, साइबर उत्पीड़न से बचाव तथा किसी भी मानसिक या व्यक्तिगत समस्या की स्थिति में समय रहते शिक्षकों, अभिभावकों एवं विशेषज्ञों से परामर्श लेने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समय पर उचित मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त करने से अनेक समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है।
कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सदैव सजग रहने, तनावमुक्त एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने, रैगिंग एवं किसी भी प्रकार के भेदभाव का विरोध करने, सुरक्षित एवं सहयोगात्मक महाविद्यालयीन वातावरण बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध परामर्श एवं हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. नीरज विश्वकर्मा ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. रजनीकांत वर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशित छात्राओं की उपस्थिति रही।
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