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सदभावना मंच के चार साहसी सदस्य हुए सम्मानित



सदभावना मंच के चार साहसी सदस्य हुए सम्मानित

खंडवा। सदभावना मंच द्वारा माली कुआँ स्थित कार्यालय में आयोजित एक सम्मान समारोह में अजंटी नदी में आई बाढ़ में अनेक जिंदगी बचाने वाले मंच के चार साहसी सदस्यों को मंच संस्थापक प्रमोद जैन की अध्यक्षता एवं विधायक श्रीमती कंचन मुकेश तन्वे के मुख्य अतिथ्य में शाल श्री फल भेटकर सम्मानित किया गया। यह जानकारी देते हुए मंच के निर्मल मंगवानी ने बताया कि इस अवसर पर विधायक श्रीमती तन्वे ने युवा साथियों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि विषम परिस्थितियों में जब कोई आकर सहयोग करे तो उसे ईश्वर का ही दूत कहा जाता है। आपकी यह जीत बहुत खास है। आपने डर का सामना किया और अपनी हिम्मत दिखाई। यह कमाल का काम सिर्फ आप ही कर सकते थे। आपकी इस महान सफलता पर हमें बहुत गर्व है। आपने साबित कर दिया कि यदि अद्भुत साहस और पक्का इरादा हो तो हर मुश्किल आसान होती है। आपका यह कदम दूसरों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा। इस हिम्मत को सलाम, आपने इतिहास रच दिया है। मंच संस्थापक प्रमोद जैन ने अपने अध्यक्षीय उदबोधन में कहा कि सदभावना मंच के लिए अत्यंत गर्व एवं हर्ष की बात है कि मंच के सदस्य बसंत ढ़ाकसे, नारायण फरकले ने अपनी जान जोखिम में डाल कर मूसलाधार बारिश में उफनती नदी में कइयों की जान बचाई। वही विजया द्विवेदी ने चलती रेल में हुई लूट की वारदात को अपने साहस से नाकाम कर दिया। वन विभाग में कार्यरत रहे सुनील सोमानी जिन्होंने अपने सेवाकाल में अनेक उल्लेखनीय सफलताएँ अर्जित कीं। आपकी इस सफलता पर सद्भावना मंच गौरवान्वित है। साहसी नारायण फरकले, बसंत ढाकसे और विजया द्विवेदी ने रोगटे खड़े करने वाली घटना को सुनाकर सभी को प्रेरित किया। इस मौके पर मंच संस्थापक प्रमोद जैन, डॉ. जगदीशचंद्र चौरे, कैलाश शर्मा, त्रिलोक चौधरी, सुनील सोमानी, अनुप शर्मा, सुरेंद्र गीतें, निर्मल मंगवानी, राधेश्याम शाक्य, डिग्रीलाल हिरवे, अजय मंडलोई, नारायण फरकले, बसंत ढाकसे सुभाष मीणा, पं. कृष्ण कुमार व्यास, कैलाश पटेल, राजेश खांडे, योगेश गुजराती, अशोक जैन, पं. गोपाल भारद्वाज, कमल नागपाल, संदीप डोगरे, अरविंद ढाकसे, अशोक पारवानी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्वेता हरि सखी व्दारा किया गया।
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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