ad

काव्य : ज्ञान दायिनी मां की वंदना - ऋतेश कुमार साहनी , बरेली



काव्य : 

ज्ञान दायिनी मां की वंदना 

ज्ञान दायिनी अमृत स्वर दो 
सम्मति रोम रोम में भर दो 

पर हित भाव भरी दो रचना 
मानवता की हो संरचना 
दानवता के पंख कतर दो 

सदविवेकी हों बालक तेरे 
मां कोई भ्रम जाल ना धेरे 
अंतःकरण ब्रह्ममय कर दो 

रीते ना हों कासे मन के
पुष्प भरो मां नमन अमन के
मन गंगा तन चंदन कर दो 

-  ऋतेश कुमार साहनी , बरेली 
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

Post a Comment

Previous Post Next Post

Popular Items