काव्य :
वंदेमातरम गीत
आओ वन्देमातरम गाऐं गान
वन्देमातरम गान
आन बान का ये आव्हान
वन्देमातरम
वन्देमातरम गाऐं गान
वन्देमातरम!वन्देमातरम!!
इस आजादी की खातिर
कितने लालों ने जान गवांए,
कितने हुए आंदोलन,और
कितनों ने थे शीश कटाए
मिला हमें तब ये अभिमान
वन्देमातरम
आजादी का प्यारा गान
वन्देमातरम!वन्देमातरम!!
जो था हमारा,हमने पाया
नहीं किसी का छीना
अपने कर आधीन हमें
समझा था समझ विहीना
हमने भी थी कसी कमान
वन्देमातरम
ये भारत की है पहचान
वन्देमातरम!वन्देमातरम!!
तीन रंग इस झंडे के हैं शान
अनोखी निराली
हर रंग कुछ कहता है इसका
अमन,शांति,हरियाली
सबसे ऊपर,ऊँची पहली आन
वन्देमातरम!
भारत का तिरंगा प्रथम स्थान
वन्देमातरम!वन्देमातरम!!
पाकर इस आजादी को
भारत माँ की लाज बचाई
माँ के लाड़लों ने इसकी
कीमत भी सही चुकाई
हंस फांसी पर हो कुर्बान
वन्देमातरम
वार के माँ के चरणों जान
वन्देमातरम!वन्देमातरम!!
आओ वन्देमातरम गांऐं गान,
वन्देमातरम!वन्देमातरम!!
- किरण मोर कटनी म.प्र.
Tags:
काव्य
.jpg)