ad

काव्य : देव घनाक्षरी छंद - रामकिशोर श्रीवास्तव 'रवि',भोपाल


काव्य : 

!! देव घनाक्षरी छंद!!

बंद कारागार मध्य ,चिंतित थे वसुदेव,
प्रगटे कन्हैया  घन,  गरजें घनन-घनन।

       गोकुल को लेके चले,डलिया लिटाये लाल,
       छुऍं  पद  यमुना  की, लहरें  कनन-कनन।

निशा अँधियारी घोर,तड़के तड़ित व्योम,
पवन  प्रचण्ड   वेग, चलत  सनन-सनन।

       यमुना  को  पारकर,  पहुँचेे यशोदा द्वार,
       नाचें नरनारी बाजें,झाँझरी झनन-झनन।।

-रामकिशोर श्रीवास्तव 'रवि',भोपाल (म.प्र.)
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

Post a Comment

Previous Post Next Post